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तोहफा: किसानों को पोटाश उर्वरक पर सब्सिडी, पीएलआई योजना के तहत 31 दूरसंचार कंपनियों को मंजूरी

Fri, 15 Oct 2021 03:58 AM IST
देव कश्यप बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्रीय कैबिनेट ने पोषण आधारित सब्सिडी योजना के तहत 50 किलोग्राम की बोरी पर 73 रुपये सब्सिडी देने का फैसला किया है। वहीं दूसरी ओर दूरसंचार विभाग ने उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के तहत 31 कंपनियों के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
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सब्सिडी (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : iStock
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विस्तार
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सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए शीरे वाली पोटाश (पीडीएम) पर पहली बार सब्सिडी की दरें तय की हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्रीय कैबिनेट ने पोषण आधारित सब्सिडी योजना के तहत 50 किलोग्राम की बोरी पर 73 रुपये सब्सिडी दी जाएगी। उर्वरक कंपनियां 600 से 800 रुपये प्रति बोरी के भाव किसानों को यह खाद बेचती हैं। 

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उर्वरक एवं रसायन मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को बताया कि सरकार पीडीएम पर सब्सिडी के लिए सालाना करीब 156 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इससे विदेशी विनिमय के तहत 562 करोड़ रुपये की बचत होगी। इस कदम से चीनी मिलों को शीरे के रूप में ज्यादा उत्पाद बनाने का प्रोत्साहन मिलेगा, जिसेस पोटाश बनाई जाएगी।

यह कदम न सिर्फ मिलों की आय में इजाफा करेगा, बल्कि किसानों को भी समय पर भुगतान पाने में आसानी होगी। भारत में अभी सालाना 42 लाख टन खनिज आधारित पोटाश का आयात होता है, जिस पर 7,160 करोड़ का खर्च आता है। इस कदम से आयात पर निर्भरता पूरी तरह खत्म की जा सकेगी। सरकार ने पिछले साल ही पोषण आधारित सब्सिडी योजना के तहत नाइट्रोजन, फॉस्फेट, पोटाश व सल्फर सहित 22 तरह की उर्वरक को शामिल किया था। 

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पीएलआई योजना के तहत 31 दूरसंचार कंपनियों को मंजूरी

टेलिकॉम - फोटो : pixabay
दूरसंचार विभाग ने बृहस्पतिवार को उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के तहत 31 कंपनियों के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इससे 3,345 करोड़ रुपये का शुरुआती निवेश आएगा। दूरसंचार राज्यमंत्री दिवुसिंह चौहान ने कहा, अगले साढ़े चार साल में 3,345 करोड़ का निवेश महज एक शुरुआत है।

सरकार उद्योग जगत की हरसंभव मदद के लिए तैयार है। डॉट ने 24 फरवरी, 2021 को दूरसंचार क्षेत्र के लिए पीएलआई का निर्धारण किया था। इसमें पांच साल में 12,195 करोड़ की सब्सिडी दी जाएगी। मंत्री ने बताया कि योजना के तहत 2.44 लाख करोड़ का उत्पादन बढ़ने का अनुमान है, जबकि 40 हजार नौकरियां भी पैदा होंगी। योजना में पहली बार एमएसएमई को भी शामिल किया गया है।

इन कंपनियों का चुनाव
नोकिया इंडिया, एचएफसीएल, डिक्सॉन टेक्नोलॉजी, फ्लेक्सट्रॉनिक्स, फॉक्सकॉन, कोरल टेलीकॉम, वीवीडीएन टेक्नोलॉजी, आकाशश्थ टेक्नोलॉजी और जीएस इंडिया जैसी कंपनियां शामिल हैं। 
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