केंद्र सरकार ने निर्यात प्रोत्साहन योजना, निर्यात उत्पादों पर शुल्क और कर छूट योजना (RoDTEP) के लिए दरों को अधिसूचित कर दिया है। देश में निर्यात को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार ने कदम उठाया है और योजना के नियमों में बदलाव किया है। इस संदर्भ में विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, सरकार ने एक जनवरी 2022 से निर्यात प्रोत्साहन योजना का लाभ सभी उत्पादों पर देने का फैसला किया है।
योजना के तहत निर्यातकों को मिलता है रिफंड
विभिन्न क्षेत्रों के लिए दरें 0.5 फीसदी, 2.5 फीसदी और चार फीसदी हैं। वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, ये दरें 8,555 उत्पादों के लिए हैं। मालूम हो कि इस योजना के तहत निर्यात को प्रोत्साहन देने के लिए निर्यातकों को विभिन्न केंद्रीय और राज्य शुल्कों का रिफंड दिया जाता है।
भारत के निर्यात में लगातार तेजी
मालूम हो कि वैश्विक बाजारों में मांग और खपत बढ़ने से भारत के निर्यात में लगातार तेजी आ रही है। जुलाई में निर्यात करीब 50 फीसदी बढ़ा है, जबकि आयात में 63 फीसदी तेजी आई। इस कारण कुल व्यापार घाटा बढ़कर 11 अरब डॉलर पहुंच गया। वाणिज्य मंत्रालय ने बताया कि पेट्रोलियम, इंजीनियरिंग उत्पादों और रत्न एवं आभूषण क्षेत्र के दमदार प्रदर्शन से जुलाई में कुल निर्यात 49.85 फीसदी बढ़कर 35.43 अरब डॉलर पहुंच गया। जुलाई, 2020 में महज 23.78 अरब डॉलर का निर्यात हुआ था।
अप्रैल से जुलाई तक 74 फीसदी तेजी
चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से जुलाई तक सालाना आधार पर निर्यात में 74.5 फीसदी तेजी आई कुल 130.82 अरब डॉलर का निर्यात हुआ। पिछले साल यह आंकड़ा 75 अरब डॉलर था। हालांकि, इन चार महीनों में आयात भी 94 फीसदी बढ़कर 172.5 अरब डॉलर रहा।