कोरोना वायरस महामारी से एविएशन इंडस्ट्री बुरी तरह प्रभावित हुई है। लेकिन जल्द ही उद्योग को सरकार से सहायता मिल सकती है। अगले चार से पांच सालों में नरेंद्र मोदी सरकार घरेलू एविएशन उद्योग को बड़ा बूस्टअप डोज देने वाली है। इस संदर्भ में केंद्र सरकार ने राज्यसभा में जानकारी दी कि नागरिक उड्डयन क्षेत्र के विकास पर लगभग 25,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
होगी 21 ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों की स्थापना
इस निवेश से एयरपोर्ट पर टॉप क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर और सविधाओं को हाइटेक बनाया जाएगा। इतना ही नहीं, देश में छह नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट भी खोलने की तैयारी की जा रही है। राज्य मंत्री विजय कुमार सिंह ने बताया कि सरकार ने पूरे देश में 21 ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों की स्थापना के लिए मंजूरी दी है। अब तक छह ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे का नाम महाराष्ट्र में शिरडी, पश्चिम बंगाल में दुर्गापुर, सिक्किम में पकयोंग, केरल में कन्नूर, आंध्र प्रदेश में ओर्वाकल और कर्नाटक में कलबुर्गी से शुरू किया गया था।
महामारी से उद्योग को हुआ काफी नुकसान
साथ ही वीके सिंह ने यह भी बताया कि 31 मार्च 2020 तक एयर इंडिया का कुल घाटा 70,820 करोड़ रुपये था। कंपनी के लिए योग्य बोलीदाता द्वारा वित्तीय बोली के लिए आखिरी तारीख 15 सितंबर 2021 है। इसके लिए आवेदन 27 जनवरी 2020 तक भरना था। कोरोना वायरस महामारी के चलते एविएशन उद्योग को काफी नुकसान हुआ है। दूसरी लहर के कारण मई में सिर्फ 21.15 लाख यात्रियों ने घरेलू मार्गों पर हवाई यात्रा की। जबकि अप्रैल में यह आंकड़ा 57.25 लाख था। यानी एक महीने में इसमें 63 फीसदी कमी आई है।
31 अगस्त तक अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर प्रतिबंध
मालूम हो कि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने भारत में शेड्यूल अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक उड़ानों की आवाजाही पर प्रतिबंध 31 अगस्त 2021 तक बढ़ाया है। यह प्रतिबंध अंतरराष्ट्रीय ऑल-कार्गो संचालन और विशेष रूप से विमानन नियामक द्वारा अनुमोदित उड़ानों पर लागू नहीं होगा। चुनिंदा देशों के साथ द्विपक्षीय एयर बबल समझौतों के तहत चलने वाली उड़ानें जारी रहेंगी।
देशभर में पिछले साल लॉकडाउन लागू होने के बाद से अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक यात्री उड़ानें निलंबित हैं। लेकिन मई 2020 से विशेष अंतरराष्ट्रीय उड़ानें वंदे भारत मिशन के तहत उड़ रही हैं। विदेश में फंसे यात्रियों को वापस लाने के लिए वंदे भारत मिशन चलाया गया और कई देशों के साथ एयर बबल करार भी किया गया।