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खुशखबर: 300 स्टार्टअप को शुरुआती पूंजी और बाजार पहुंच उपलब्ध कराएगी सरकार, तैयार होंगी 100 यूनिकॉर्न कंपनियां

Thu, 26 Aug 2021 02:49 PM IST
‌डिंपल अलावाधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

देश के स्टार्ट अप्स के लिए अच्छी खबर है। सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के 300 स्टार्टअप का समर्थन करने के लिए एक कार्यक्रम की शुरुआत की है।
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स्टार्टअप - फोटो : pixabay
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विस्तार
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आईटी सेक्टर की 300 स्टार्टअप को सपोर्ट देने के लिए सरकार ने एक कार्यक्रम की शुरुआत की है। जोशीले उद्यमियों और स्टार्टअप्स के लिए केंद्र सरकार ने कार्यक्रम समृद्ध की शुरुआत की। इसके तहत सरकार आगामी तीन वर्षों में 100 यूनिकॉर्न तैयार करेगी। यूनिकॉर्न वो स्टार्टअप होते हैं जिसका बाजार मूल्यांकन एक अरब डॉलर तक होता है।

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स्टार्टअप को ऐसे होगा फायदा
इस कार्यक्रम के तहत सरकार स्टार्टअप को शुरुआती पूंजी, सुरक्षा और बाजार पहुंच उपलब्ध कराएगी। इसके तहत कुछ स्टार्टअप को अपने साथ साझीदारी का न्योता देगी। इनको शुरुआती पूंजी के तौर पर 40 लाख रुपये तक की राशि और छह महीने तक मेंटॉरशिप यानी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। इसके जरिए स्टार्टअप को बाजार तक पहुंच हासिल करने में मदद भी मिलेगी। 

आईटी एवं दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि उन्होंने इससे पहले 20 से ज्यादा स्टार्टअप को मार्गदर्शन दिया था। किसी आइडिया को प्रॉडक्ट में बदलने की प्रक्रिया में मेंटॉरिंग की काफी अहमियत होती है। प्रॉडक्ट का विस्तार करना भी बेहद अहम है। अधिकतम स्टार्टअप कई वजहों से यह दौर पार नहीं कर पाते हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय में विशेष सचिव ज्योति अरोड़ा ने कहा कि समृद्ध स्टार्टअप एक्सेलरेटर ऑफ मैती फॉर प्रॉडक्ट इनोवेशन, डेवलपमेंट एंड ग्रोथ के कॉन्सेप्ट को सिलिकन वैली के एक्सेलेटर वाईकॉम्बिनेटर की तर्ज पर विकसित किया गया है। योजना के तहत एक्सेलरेटर के तौर पर जुड़ने का मौका उन संगठनों को मिलेगा जो कम से कम तीन साल के लिए इन्क्यूबेशन कारोबार में हैं और उन्होंने 50 से ज्यादा स्टार्टअप और कम से कम 10 नॉन पब्लिक कारोबार को सपोर्ट किया होगा। 
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मालूम हो कि महामारी की तीसरी लहर की आशंका और धीमे आर्थिक सुधार के बावजूद विदेशी निवेशकों का भारतीय स्टार्टअप में भरोसा बढ़ा है। प्रमुख डाटा एवं एनालिटिक्स कंपनी ग्लोबलडाटा के मुताबिक, भारतीय स्टार्टअप ने जनवरी-जुलाई यानी सात महीनों में वेंचर कैपिटल (वीसी) कंपनियों से 1.26 लाख करोड़ रुपये का निवेश जुटाया है। वीसी फंडिंग के मामले में भारत एशिया-प्रशांत क्षेत्र में चीन के बाद दूसरा बड़ा बाजार है। इस दौरान भारत में कुल 828 सौदे हुए, जिनका कुल मूल्य 16.9 अरब डॉलर रहा। ग्लोबल डाटा के प्रमुख विश्लेषक ऑरोज्योति बोस ने कहा कि निवेश जुटाने में टेक स्टार्टअप सबसे आगे रहे। इसकी वजह स्मार्टफोन की बढ़ती पहुंच और किफायती मोबाइल इंटरनेट है। 

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