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Stock Limits: गेहूं की जमाखोरी को रोकने के लिए उठाया यह कदम, जानिए स्टॉक सीमा में क्या हुए बदलाव; पढ़ें

Fri, 08 Dec 2023 03:38 PM IST
आदर्श शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने कहा कि कमी को रोकने और जमाखोरी पर अंकुश लगाने के लिए ऐसा किया गया है। यह संशोधिक स्टॉक सीमा तत्काल प्रभाव से लागू होगी। यहां पढ़ें...
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गेहूं (फाइल फोटो) - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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केंद्र सरकार ने गेहूं की जमाखोरी पर लगाम लगाने के लिए स्टॉक सीमा को ज्यादा कठोर कर दिया है पत्रकारों को जानकारी देते हुए खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने कहा कि थोक विक्रेताओं, खुदरा विक्रेताओं, बड़ी श्रृंखला के खुदरा विक्रेताओं और प्रोसेसरों के लिए स्टॉक रखने के नियमों को तत्काल प्रभाव से और सख्त कर दिए गए हैं।
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साथ ही उन्होंने बताया कि थोक विक्रेताओं के लिए स्टॉक सीमा मौजूदा 2000 टन से घटाकर 1 हजार टन कर दी गई है। वहीं प्रत्येक रिटेलर पर स्टॉक सीमा 10 टन से बजाए पांच टन, बड़े चेन रिटेलर के प्रत्येक डिपो के लिए 5 टन और सभी टिपो के लिए कुल एक हजार टन होगी। उन्होंने कहा कि प्रोसेसर के मामले में वे मासिक स्थापित क्षमता का 70 प्रतिशत 2023-24 के शेष महीनों से गुणा करके रख सकते हैं।

खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने कहा कि कमी को रोकने और जमाखोरी पर अंकुश लगाने के लिए ऐसा किया गया है। यह संशोधिक स्टॉक सीमा तत्काल प्रभाव से लागू होगी।उन्होंने कहा कि व्यापारियों को स्टॉक को संशोधित सीमा तक कम करने के लिए 30 दिन का समय मिलेगा।
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आधिकारिक बयान में कहा गया कि सभी गेहूं स्टॉकिंग संस्थाओं को गेहूं स्टॉक सीमा पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा। साथ ही हर शुक्रवार को स्टॉक की स्थिति को अपडेट करनी होगी। यदि कोई भी संस्था, जो पोर्टल पर पंजीकृत नहीं पाई गई या स्टॉक सीमा का उल्लंघन करती है, उसके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत उचित दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। 12 जून को खाद्य मंत्रालय ने विभिन्न प्रकार के व्यापारियों पर मार्च 2024 तक स्टॉक रखने की सीमा लगा दी थी।
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