महंगाई से जनता पहले ही परेशान है। अब अगले साल आम लोगों को एक और झटका लग सकता है। मैगी, दूध पाउडर, आदि जैसे दैनिक उपयोग का सामान बनाने वाली कंपनी नेस्ले इंडिया के प्रमुख सुरेश नारायणन ने कहा है कि जिंसों के दाम में तेजी की वजह से अगला साल यानी 2022 मुश्किल वर्ष हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि उत्पादों की कीमतों में वृद्धि की उम्मीद है। विनिर्माताओं के लिए ऊंची खाद्य मुद्रस्फीति की स्थिति बन सकती है।
कच्चे माल के दाम में तेजी की आशंका
कंपनी को दूध, कॉफी, तेल कीमतों समेत अन्य कच्चे माल के दाम में तेजी की आशंका है। मालूम हो कि पिछले छह से आठ महीनों में कीमत में औसत एक से तीन फीसदी की वृद्धि हुई है। नारायणन ने कहा कि बढ़ती मांग के मद्देनजर दूध, कॉफी और पैकेजिंग जैसी वस्तुओं में चार फीसदी से पांच फीसदी की वृद्धि देखी गई है क्योंकि अर्थव्यवस्थाएं लगातार खुल रही हैं।
दूध की कीमतों में आ सकती है तेजी
उन्होंने कहा कि जिंस के दाम के लिहाज से 2021 की पहली छमाही नरमी वाली अवधि रही है। गेहूं के दाम लगभग स्थिर रहें। 2022 कठिन वर्ष हो सकता है। दूध की कीमतों में निश्चित रूप से तेजी आ सकती है। नेस्ले इंडिया में महिला कर्मचारियों की संख्या में बढ़ रही है। फिलहाल कंपनी में 23 पीसदी महिला कर्मचारी काम कर रही हैं। 2020 में नए कर्मचारियों में 42 फीसदी महिलाओं की नियुक्ति की गई थी।
2,600 करोड़ रुपये का निवेश की योजना
नेस्ले इंडिया अपने ग्रामीण कवरेज का विस्तार कर रही है और कंपनी का 1.2 लाख गांवों को कवर करने का लक्ष्य है, जिनकी आबादी 5,000 है। वर्तमान में, यह लगभग 90,000 गांवों को कवर करती है और इसकी कुल बिक्री का लगभग 25 फीसदी ग्रामीण बाजारों से आता है। नेस्ले इंडिया अगले तीन से चार वर्षों में भारत में लगभग 2,600 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बना रही है। कंपनी ने खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के लिए सरकार की उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन योजना के लिए भी आवेदन किया है।