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वित्त मंत्री सीतारमण बोलीं: कई जिलों में एक भी बैंक नहीं, देश को एसबीआई जैसे चार-पांच बैंकों की जरूरत

Sun, 26 Sep 2021 05:59 PM IST
गौरव पाण्डेय बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

देश के कई जिलों में उच्च आर्थिक गतिविधियां होने के बावजूद वहां पर एक भी बैंक न होने पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को हैरानी जताई। 
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण - फोटो : पीटीआई (फाइल)
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विस्तार
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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा कि उच्च आर्थिक गतिविधियां और वित्तीय समावेशन पर भारी जोर होने के बावजूद कई जिलों में बैंकों की मौजूदगी शून्य है। वित्त मंत्री ने बैंकों से कहा कि या तो ऐसे जिलों में वह सभी सुविधाओं से लैस शाखाएं खोलें या बैंकिंग सेवाएं प्रदान करने वाली एक छोटी इकाई की स्थापना करें। सीतारमण ने हैरानी जताई कि आखिर किस तरह उन क्षेत्रों में भी बैंक नहीं हैं जहां आर्थिक गतिविधियां उच्च स्तर पर हैं। 

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सीतारमण ने यह बात इंडस्ट्री लॉबी ग्रुप इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) की 74वीं वार्षिक महासभा के दौरान कही। उन्होंने कहा, 'आज भी देश में ऐसे कई जिले हैं जिनकी कई बड़ी पंचायतों में भी एक भी बैंक नहीं है... ऐसे कई जिले हैं जहां एक भी बैंक भौतिक रूप से मौजूद नहीं है।' उन्होंने आईबीए सदस्यों को सभी जिलों को डिजिटल रूप से मैप करने के लिए प्रोत्साहित किया ताकि ऐसे जिलों की पहचान हो सके और वहां बैंक शाखा खोली जा सके।

उन्होंने कहा कि भारत को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) जैसे चार-पांच अन्य बैंकों की जरूरत है। इकोनॉमी और इंडस्ट्री में हाल में आए बदलावों की पृष्ठभूमि में जिस प्रकार से हालात बदले हैं, उन्हें पूरा करने के लिए हमें बैंकिंग का विस्तार करने की जरूरत है।

यहां ध्यान देने वाली बात है कि देश के आर्थिक विकास पर नीतियों का निर्माण करने वाले एक दशक से भी अधिक समय से वित्तीय समावेश पर काम कर रहे हैं। इसके साथ ही ऐसे हर गांव में बैंक की उपस्थिति सुनिश्चित करने का लक्ष्य भी तय किया गया है जिनकी आबादी दो हजार से अधिक है। उल्लेखनीय है कि इसके लिए कुछ साल पहले भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंकों के लिए शाखाएं खोलने के लिए अपने मानदंडों को भी आसान किया था। 

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