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वित्त मंत्री सीतारमण ने IMF को जताया भरोसा: बोलीं- 2025-26 तक राजकोषीय घाटे को 4.5 प्रतिशत पर लाने का लक्ष्य

Sat, 16 Oct 2021 10:05 AM IST
मुकेश कुमार झा बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन

सार

वित्त मंत्री ने आईएमएफ से कहा कि राजकोषीय घाटे को चालू वर्ष में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 6.8 प्रतिशत पर रखा गया है और यह 2025-26 तक कम होकर जीडीपी के 4.5 प्रतिशत तक हो जाएगा।
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण - फोटो : Twitter/@FinMinIndia)
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विस्तार
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से कहा कि भारत सरकार अर्थव्यवस्था को वित्तीय रूप से मजबूती के रास्ते पर लाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 2025-26 तक राजकोषीय घाटे को कम कर 4.5 प्रतिशत पर लाने का लक्ष्य रखा है। सीतारमण ने कहा, 'केंद्र सरकार के राजकोषीय घाटे को चालू वर्ष में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 6.8 प्रतिशत पर रखा गया है और यह 2025-26 तक कम होकर जीडीपी के 4.5 प्रतिशत तक हो जाएगा। अगले साल के बजट में मध्यम अवधि के वृहद आर्थिक अनुमान और संशोधित राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन अधिनियम (एफआरबीएम) शामिल होंगे।'

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मुद्रास्फीति भी अपेक्षा से अधिक नीचे जा रही है
सीतारमण ने अंतर्राष्ट्रीय मौद्रिक और वित्तीय समिति को संबोधित करते हुए कहा कि भारत सरकार जरूरत पड़ने पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) को अतिरिक्त पूंजी प्रदान करने के लिए तैयार है और मुद्रास्फीति भी अपेक्षा से अधिक नीचे जा रही है। वित्त मंत्री अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक की वार्षिक बैठक में हिस्सा लेने वाशिंगटन आयी हैं। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था में मदद करने के लिए निकट अवधि में एक उदार राजकोषीय रुख बनाए रखा जा रहा है और सरकार निकट-से-मध्यम अवधि में अर्थव्यवस्था को वित्तीय मजबूती के रास्ते पर लाने के लिए प्रतिबद्ध है।

जीएसटी संग्रह बढ़ने का अनुमान
सीतारमण ने कहा कि ई-बिल व्यवस्था, माल एवं सेवा कर (जीएसटी) ऑडिट, रिटर्न की कड़ाई से जांच और दरों को युक्तिसंगत बनाने से जीएसटी संग्रह बढ़ने का अनुमान है। कंपनी कर को युक्तिसंगत बनाए जाने से भी कर अनुपालन और संग्रह बढ़ने की संभावना है। उन्होंने कहा कि राजकोषीय मजबूती की रणनीति के तहत राजस्व संग्रह महत्वपूर्ण तत्व होगा। 
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अमेरिकी कंपनियों ने भारत के आर्थिक सुधारों को सराहा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि जो बाइडन प्रशासन के साथ-साथ अमेरिका के कॉरपोरेट क्षेत्र के दिग्गजों ने भारत सरकार के सुधारों को काफी सकारात्मक कदम बताया है। वित्त मंत्री ने कहा कि विशेषरूप से अमेरिका की कंपनियां पिछली तारीख से कराधान को समाप्त किए जाने के फैसले से काफी खुश हैं। अगस्त में संसद ने विधेयक पारित कर पिछली तारीख से कराधान को समाप्त कर दिया था। इसके तहत तहत कर विभाग को 50 साल तक पुराने मामले में भी पूंजीगत लाभ कर लगाने का अधिकार था। इस कानून को समाप्त किए जाने के बाद सरकार को अब कंपनियों से पिछली तारीख के कराधान के जरिये वसूली गई राशि को वापस लौटाना होगा। इसके लिए कंपनियों को भी सरकार के खिलाफ इस तरह के मामलों में सभी कानूनी मुकदमों को वापस लेना होगा।

भारत ने कोरोना काल में भी रखी सतत विकास की आधारशिला 
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने आईएमएफ और विश्व बैंक के साथ सालाना बैठक में कहा, कोरोना काल के दौरान भी भारत ने कई सुधारवादी फैसलों से सतत विकास की आधारशिला रखी। भारत ने न सिर्फ इस संक्रमण पर अकेले काबू पाया, बल्कि दुनिया को भी लड़ाई में सहारा दिया। 

आईएमएफ ने की भारत सरकारी की सराहना
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने कोरोना काल के दौरान भारत सरकार के प्रयासों की खूब सराहना की। उन्होंने कहा कि देश ने महामारी के बावजूद श्रम सुधार और निजीकरण जारी रखा है।आईएमएफ ने अपने सदस्यों के बीच परामर्श के आधार पर अपनी रिपोर्ट में ये बात कही। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि  महामारी के कारण आर्थिक दृष्टिकोण से संबंधित अनिश्चितताओं पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। इसमें नकारात्मक और नकारात्मक दोनों रिस्क हैं। 

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