टेस्ला के सीईओ एलन मस्क अपने हैरतंगेज आइडियाज के लिए हमेशा मशहूर रहे हैं। इसमें सिर्फ गाड़ियां या अंतरिक्ष की सैर जैसे सपने नहीं बल्कि इंसानी दिमाग और आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) को जोड़ने की कोशिश भी शामिल है। इसे नाम दिया गया है न्यूरालिंक (Neuralink), जो मस्क की न्यूरल इंटरफेस टेक्नॉलजी कंपनी है। सीधे शब्दों में कहें तो यह कंपनी इंसानों के दिमाग से जुड़ी तकनीक पर काम कर रही है। इसकी मदद से एक इंसान के दिमाग में चिप इंसर्ट कर दी जाएगी जो न सिर्फ दिमाग की सक्रियता को रिकॉर्ड करेगी, उस पर असर भी डाल सकेगी। बता दें, कंपनी अपने पहले रोगी के बाद अब दूसरे रोगी का ब्रेन चिप के जरिए टेस्ट करने जा रही है।
कंपनी का अब यह लक्ष्य
अमेरिका के अरबपति कारोबारी एलन मस्क ने बुधवार को कहा कि न्यूरालिंक, अपने दूसरे रोगी का टेस्ट करने के लिए आगे बढ़ रही है। एक हफ्ते के अंदर दूसरे रोगी का परीक्षण करने का लक्ष्य रखा है। दरअसल, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म मंच पर एक लाइव स्ट्रीम के दौरान मस्क और न्यूरालिंक की टीम ने ब्रेन ट्रांसप्लांट को व्यापक रूप से उपलब्ध कराने में कंपनी की तरक्की से जुड़े सवालों का जवाब दिया। साथ ही टीम ने भविष्य की सर्जरी में उठाए जाने वाले कदमों के बारे में भी बात की ताकि एरिजोना के नोलैंड आर्बॉग पर ब्रेन चिप के पहले ट्रांसप्लांट में हुई कुछ असफलताओं से बचा जा सके।
इलेक्ट्रोड धागे हटने की समस्या के लिए होगा बदलाव
एलन मस्क ने कहा कि लक्ष्य एआई के लंबे सभ्यतागत जोखिम को कम करना है। न्यूरालिंक मानव बुद्धि और तकनीकी इंटेलिजेंस को जोड़कर जीवन को सरल बनाने में मदद कर सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसा लोगों को सुपर पावर देने के मकसद से किया जा रहा है। साथ ही वे चाहते हैं कि मानव मस्तिष्क सामान्य से और अधिक कुशलता के साथ काम करे। न्यूरालिंक भविष्य में की जाने वाली सर्जरी में मस्तिष्क के ऊतकों से इलेक्ट्रोड धागे के हटने की समस्या को कम करने के लिए कुछ बदलाव करेगा।
टीम ने बताया कि प्रस्तावित सुधारों में एक एयर पॉकेट को हटाना शामिल है, जो पहली सर्जरी में धागे को वापस खींचने में मदद कर सकता है। उन्होंने कहा कि अगली सर्जरी में, कंपनी मस्तिष्क की सिलवटों पर धागे को अधिक सटीकता से डालने की कोशिश करेगी। टीम ने डिवाइस की भविष्य की पीढ़ियों पर भी चर्चा की।
एलन ने कहा कि पुराने मॉडल वाले मरीजों के लिए नए मॉडल में अपग्रेड करना संभव होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आप आईफोन 15 चाहते हैं न कि आईफोन 1।
जानवरों पर यह बोले मस्क
टेक अरबपति ने इस बात पर भी जोर दिया कि न्यूरालिंक अपने शोध के लिए जिन जानवरों का उपयोग करता है, उनकी अच्छी देखभाल करता है। उन्होंने कहा, 'हम जानवरों के कल्याण के लिए हर संभव प्रयास करते हैं।'
क्या है न्यूरालिंक चिप?
एलन मस्क टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में हमेशा कुछ नया करने की सोच रखते हैं। न्यूरालिंक उनकी इसी सोच का नतीजा है। न्यूरल इंटरफेस टेक्नोलॉजी वाली ये कंपनी अपनी एक खास चिप को लेकर काफी चर्चा में है।दरअसल न्यूरालिंक, एक ऐसी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पावर्ड माइक्रो चिप है, जो ब्रेन की एक्टिविटी को रिकॉर्ड और पढ़ सकती है। खास बात है कि इसकी मदद से लोगों को दिमागी अक्षमता को दूर करने में मदद मिलेगी। कंपनी का दावा है कि यह चिप आपके मन के विचारों को जान सकती है।
कैसे काम करेगी तकनीक?
जब इस पूरे प्रोजेक्ट पर काम हो रहा था तब एलन मस्क ने बताया था कि न्यूरालिंक दो उपकरण तैयार कर रही है। पहली सिक्के के आकार की एक चिप है, जिसे इंसान के सिर में लगाया जाएगा। इससे बालों से भी पतले तार निकलेंगे जिनमें लगे 1024 इलेक्ट्रोड दिमाग के अलग-अलग हिस्सों तक जाएंगे। इनसे मिला डेटा चिप के जरिए कंप्यूटर्स तक जाएगा। फिर शोधकर्ता इसका अध्ययन करेंगे।
इस चिप के अलावा, एक रोबॉट होगा जो एक सुई की मदद से न्यूरालिंक चिप से निकलने वाले तार इंसान के दिमाग में सिलेगा। मस्क का कहना है कि यह प्रक्रिया LASIC सर्जरी जितना आसान होगा। जनवरी में एक सूअर के अंदर इस चिप का डेमो भी दिया गया। यह दो महीने से इसके दिमाग में लगी थी। मस्क ने कुछ वक्त पहले यह भी बताया था कि एक बंदर के दिमाग में यह चिप लगी है और उस पर इसका असर भी है।