डीजीसीए यानी नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा घरेलू हवाई यातायात को लेकर आधिकारिक आंकड़े जारी किए गए हैं। इन आंकड़ों के मुताबिक फरवरी में घरेलू हवाई यातायात सालाना आधार पर 4.8 प्रतिशत बढ़कर 126.48 लाख हो गया। जबकि इसी अवधि के दौरान उड़ान में देरी से 1.55 लाख से अधिक यात्री प्रभावित हुए। फरवरी में, एयर इंडिया की बाजार हिस्सेदारी 12.2 प्रतिशत से बढ़कर 12.8 प्रतिशत हो गई। इसके अलावा इंडिगो की बाजार हिस्सेदारी जनवरी में 60.2 प्रतिशत से मामूली गिरावट के साथ 60.1 प्रतिशत हो गई। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने कहा कि फरवरी में घरेलू हवाई यातायात बढ़कर 126.48 लाख हो गया, जो एक साल पहले की अवधि में 120.69 लाख था। हालांकि, जनवरी में ट्रैफ़िक 1.31 करोड़ से कम दर्ज किया गया था।
एयलाइन कंपनियों की सालाना रिपोर्ट
ऑन टाइम परफॉर्मेंस में कौन अव्वल?
आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी में एयर इंडिया का ऑन-टाइम परफॉर्मेंस (ओटीपी) 56.4 फीसदी रहा जबकि स्पाइसजेट का 59.1 फीसदी रहा। ऑन-टाइम परफॉर्मेंस को लेकर बेंगलुरु, दिल्ली, हैदराबाद और मुंबई जैसे चार मेट्रो हवाई अड्डों के लिए गणना की गई। ऑन-टाइम परफॉर्मेंस के मामले में विस्तारा 67.4 प्रतिशत पर रहा। इसके अलावा इंडिगो 72.7 प्रतिशत और अकासा एयर 72.9 प्रतिशत पर रहा। फरवरी में AIX कनेक्ट का ऑन-टाइम परफॉर्मेंस 73.5 फीसदी पर पहुंच गया। डीजीसीए ने कहा कि ‘फरवरी 2024 के महीने के लिए निर्धारित घरेलू एयरलाइनों की कुल रद्दीकरण दर 0.90 प्रतिशत रही।’ ज़ूम के लिए सबसे अधिक 7.69 प्रतिशत रद्दीकरण दर रही थी। अकासा एयर के लिए रद्दीकरण दर सबसे कम 0.30 प्रतिशत रही। फ्लाई बिग की रद्दीकरण दर 7.41 प्रतिशत, एलायंस एयर (3.83 प्रतिशत), इंडियावन एयर (3.18 प्रतिशत), स्पाइसजेट (1.54 प्रतिशत), इंडिगो (0.84 प्रतिशत), एआईएक्स कनेक्ट (0.64 प्रतिशत) थी। एयर इंडिया (0.62 प्रतिशत)। स्टार एयर और विस्तारा के मामले में, रद्दीकरण दर क्रमशः 0.60 प्रतिशत और 0.58 प्रतिशत थी।