मारुति सुजुकी के वरिष्ठ कार्यकारी निदेशक (विपणन एवं बिक्री) शशांक श्रीवास्तव ने बुधवार को कहा कि इस धनतेरस मांग और बुकिंग अच्छी रही है।हमने ज्यादा से ज्यादा वाहनों की आपूर्ति का प्रयास किया। लेकिन, आपूर्ति संबंधी दिक्कतों की वजह से बिक्री पिछले साल से कम रही है और हमने कुल 13,000 कारों की बिक्री की। वहीं, टाटा मोटर्स के लिए यह धनतेरस काफी अच्छा रहा है।
चिप संकट के कारण इस साल धनतेरस पर देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी की बिक्री पिछले साल के मुकाबले घटी है, जबकि टाटा मोटर्स में 94 फीसदी की तेजी रही। मारुति सुजुकी के वरिष्ठ कार्यकारी निदेशक (विपणन एवं बिक्री) शशांक श्रीवास्तव ने बुधवार को कहा कि इस धनतेरस मांग और बुकिंग अच्छी रही है।
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13,000 कार ही बेच सकी मारुति, जो पिछले साल से कम है
हमने ज्यादा से ज्यादा वाहनों की आपूर्ति का प्रयास किया। लेकिन, आपूर्ति संबंधी दिक्कतों की वजह से बिक्री पिछले साल से कम रही है और हमने कुल 13,000 कारों की बिक्री की।
वहीं, टाटा मोटर्स के लिए यह धनतेरस काफी अच्छा रहा है। कंपनी की यात्री वाहन कारोबार इकाई के अध्यक्ष शैलेश चंद्रा ने कहा कि इस दिन पिछले साल की तुलना में हमारी आपूर्ति लगभग दोगुनी बढ़कर 94 फीसदी पहुंच गई। हमारी पंच और इलेक्ट्रॉनिक वाहनों की मांग देशभर में अच्छी रही। हालांकि, कंपनी ने वाहन बिक्री के आंकड़े नहीं दिए।
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महिंद्रा फर्स्ट च्वाइस व्हील्स : रिकॉर्ड 1,028 कारों की आपूर्ति
पुरानी कारें बेचने वाली कंपनी ने कहा कि उसने धनतेरस पर 300 से ज्यादा शहरों में 1,000 से अधिक डीलरशिप पर रिकॉर्ड 1,028 वाहनों की आपूर्ति की। कंपनी के एमडी-सीईओ आशुतोष पांडेय ने कहा कि इस त्योहारी सीजन में हमारे ब्रांड ने 40 फीसदी की वृद्धि दर्ज की है। कुल बिक्री में हमारे ई-कॉमर्स मंच का योगदान 25 फीसदी रहा।
एमजी मोटर : 500 एस्टर की बिक्री
धनतेरस पर अपनी मिड साइज एसयूवी एस्टर की 500 आपूर्ति की। कंपनी ने कहा कि दिसंबर अंत तक 4,000-5,000 एस्टर की आपूर्ति के लक्ष्य को पूरा करने के लिए वह चिप की उपलब्धता को बेहतर बनाने का प्रयास कर रही है।
चिप संकट से आपूर्ति प्रभावित
धनतेरस खुदरा वाहन क्षेत्र के लिए पिछले एक दशक का सबसे खराब त्योहारी सीजन रहा है। चिप की कमी से यात्री वाहन सेगमेंट में आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। इससे एसयूवी, कॉम्पैक्ट एसयूवी और लग्जरी सेगमेंट में वाहनों की काफी कमी हो गई है। -विंकेश गुलाटी, अध्यक्ष, फाडा