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HAL: गुजरात ग्लोबल ट्रेड शो 2024 में शामिल हुआ एचएएल, आत्मनिर्भर भारत की क्षमता का प्रदर्शन करेगी कंपनी

Tue, 09 Jan 2024 05:24 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

HAL: एचएएल के सीएमडी (अतिरिक्त प्रभार) सीबी अनंतकृष्णन ने कहा कि हमें पूरा विश्वास है कि वाइब्रेंट गुजरात ट्रेड शो के दौरान हमें उन रक्षा उत्पादों को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा, जिन्हें हम स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित कर रहे हैं।
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एचएएल तेजस प्लेन। - फोटो : HAL
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विस्तार
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हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने 'आत्मनिर्भर भारत' पर जोर देते हुए 'वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल ट्रेड शो 2024' के 10 वें संस्करण में भाग लिया। सरकार के स्वामित्व वाली रक्षा सामग्री निर्माता कंपनी इस आयोजन के माध्यम से अपनी क्षमता का प्रदर्शन करना चाहती है। ट्रेड शो के दौरान एचएएल के सीएमडी (अतिरिक्त प्रभार) सीबी अनंतकृष्णन ने कहा, "हमें पूरा विश्वास है कि यह उन उत्पादों को प्रदर्शित करने का एक अवसर है, जिन्हें हम स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित कर रहे हैं। उन्होंने कहा, चूंकि कई देश इस आयोजन में भाग लेंगे इसलिए एचएएल यहां वैश्विक एयरोस्पेस उद्योग को दिखाएगा कि हमारी क्षमताएं क्या हैं?

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अनंतकृष्णन ने कहा, "हमें इस बात पर भी गर्व है कि आत्मनिर्भर भारत के तहत, जो उत्पाद अब सामने आए हैं, वे काफी अच्छे हैं। हमारे उत्पादों को आने वाले समय में वैश्विक एयरोस्पेस उद्योग में पहचान मिलेगी। इस तरह से इस वाइब्रेंट गुजरात में भाग लेना एचएएल के लिए एक बड़ा अवसर होने जा रहा है।"
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उन्होंने कहा, "मैं कह सकता हूं कि आत्मनिर्भरता के कारण आज भारतीय उत्पादों के डिजाइन और विकसित उत्पादों में बहुत प्रगति हुई है। इसकी पहल माननीय प्रधानमंत्री ने की है। एचएएल की ओर से डिजाइन किए गए उत्पाद, विशेष रूप से तेजस विमान काफी अच्छे हैं। इसने वैश्विक स्तर पर लोगों में रुचि पैदा की है।" उन्होंने कहा कि इसे हम बहुत भाग्यशाली मानते हैं कि माननीय प्रधानमंत्री ने खुद इस विमान में उड़ान भरी।
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उनका मानना है कि जहां तक एयरोस्पेस और रक्षा उद्योग का सवाल है, भारत अगले पांच वर्षों में पूरी तरह से आत्मनिर्भर हो जाएगा। एचएएल स्टॉल पर प्रमुख आकर्षणों में से एक सुखोई-30 एमकेआई विमान होगा जिसे भारत में निर्मित हवा से जमीन पर मार करने वाली ब्रह्मोस मिसाइलों के साथ जोड़कर स्वदेशी रूप से संशोधित किया गया है। इस मिसाइल का वजन 2500 किलोग्राम है और इसकी मारक क्षमता करीब 300 किलोमीटर है। एचएएल ने स्वदेशीकरण के लिए 100 से अधिक महत्वपूर्ण उत्पादों का चयन किया है और उनमें से कुछ को शो के दौरान प्रदर्शित किया जाएगा।

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