गुरुवार को मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का अंतरिम बजट पेश किया। जिसके बाद देशभर के लोगों ने इसपर प्रतिक्रिया दी हैं। इसी बीच, आर्थिक मामलों के सचिव अजय सेठ ने शुक्रवार को कहा कि बजट प्रस्ताव गैर मुद्रास्फीतिकारी है। यह 2024-25 में लगातार चौथे वर्ष सात प्रतिशत से अधिक की विकास दर हासिल करने में सहायक होगी।
2020-21 में 5.8 प्रतिशत की गिरावट के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था ने अगले साल 9.1 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज की थी। वहीं 2022-23 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत थी। चालू वित्त वर्ष में मामूली बढ़कर 7.3 प्रतिशत होने का अनुमान है। अंतरिम बजट 2024-25 में चालू वित्त वर्ष के 11 प्रतिशत के मुकाबले जीडीपी वृद्धि 10.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है। अजय सेठ ने कहा कि हमने जो अनुमान लगाया है, वह 10.5 फीसदी है और हमें लगता है कि यह अगले साल के लिए सामान्य विकास दर का सही अनुमान है।
आर्थिक मामलों के सचिव अजय सेठ ने कहा कि सरकार ने कुल खर्च को काबू में रखने के लिए विवेकपूर्ण कदम उठाए हैं। राजकोषीय घाटे के मुद्दे पर उन्होंने कहा अजय सेठ ने कहा कि यह इस वित्तीय वर्ष की शुरुआत में अनुमानित 5.9 से 10 आधार अंक कम है। कर उछाल और व्यय का सही अनुमान जीडीपी के 5.1 प्रतिशत के राजकोषीय घाटे के सही लक्ष्य को पूरा करने में मदद करेगा।