श्रीलंका की अर्थव्यवस्था में सकारात्मक वृद्धि हुई
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नकदी संकट से जूझ रही श्रीलंका की अर्थव्यवस्था ने आर्थिक संकट आने के बाद पहली बार सकारात्मक वृद्धि दर्ज की है। दरअसल, सेंट्रल बैंक ने मंगलवार को बताया की अर्थव्यवस्था ने 2023 की चौथी तिमाही में सालाना आधार पर 4.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। द्वीपीय देश की नकदी संकट से जूझ रही अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर लगातार छह तिमाहियों में नकारात्मक रहने के बाद 2023 की चौथी तिमाही में सकारात्मक दायरे में लौटी है।
कोलंबो उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में सालाना बदलाव के आधार पर मापी गई मुद्रास्फीति जनवरी में 6.4 प्रतिशत से घटकर फरवरी में 5.9 प्रतिशत रह गई।
तीसरी तिमाही में भी की थी वृद्धि दर्ज
इससे पहले, 2022 में 7.8 फीसदी जीडीपी संकुचन और छह तिमाहियों की लगातार नकारात्मक वृद्धि के बावजूद देश ने साल 2023 की तीसरी तिमाही के दौरान सकारात्मक वृद्धि दर्ज की थी। उस समय राष्ट्रपति विक्रमसिंघे ने कहा था कि पिछली साल नकारात्मक वृद्धि के बावजूद देश ने 2023 की तीसरी तिमाही में 1.6 प्रतिशत की विकास दर के साथ वापसी की है।
कोलंबो उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में जिस महंगाई के बढ़ने की श्रीलंका में पिछले साल सबसे ज्यादा चर्चा थी, वह जनवरी के 6.4 फीसदी के मुकाबले फरवरी में गिरकर 5.9 फीसदी पर आ गई थी। इस साल फरवरी के अंत तक सकल आधिकारिक भंडार बढ़कर 4.5 अरब डॉलर हो गया, जिसमें पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना की स्वैप सुविधा (अदला-बदली) शामिल है।
श्रीलंकाई रुपया में वृद्धि दर्ज
गवर्नर नंदलाल वीरसिंघे ने कहा कि रिजर्व बिल्डअप सेंट्रल बैंक के अनुमानों से ज्यादा सही था। उन्होंने बताया कि श्रीलंकाई रुपया, जो 2023 में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 12.1 प्रतिशत बढ़ा, 2024 में अब तक 6.7 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है। वीरसिंघे ने कहा कि आईएमएफ के बेलआउट कार्यक्रम की अगली समीक्षा के लिए सरकारी बॉन्ड धारकों के साथ ऋण पुनर्गठन पर समझौते जून तक पूरे किए जा सकते हैं।
आईएमएफ ने की थी मदद
हाल ही में आईएमएफ ने श्रीलंका के साथ 337 मिलियन डॉलर के बेलआउट पैकेज के लिए समझौता किया है। आईएमएफ द्व्रारा जारी बयान के मुताबिक वह श्रीलंका के साथ अगले चरण के कर्मचारी-स्तरीय समझौते पर पहुंच गया है। इस समझौते की मदद से आईएमएफ द्वारा श्रीलंका को 337 मिलियन डॉलर पहुंचाने में मदद मिलेगी।