प्रतिस्पर्द्धा आयोग (सीसीआई) ने रिलायंस इंडस्ट्रीज और वॉल्ट डिज्नी की मीडिया इकाइयों के विलय को मंजूरी देने वाला विस्तृत आदेश जारी किया। सीसीआई के आदेश में कहा गया है कि मौजूदा अधिकार समाप्त होने तक कंपनियां क्रिकेट अधिकारों के लिए टीवी विज्ञापन स्लॉट एक साथ न जोड़ें। विलय के लिए सीसीआई की शर्तों के तहत हंगामा और सुपर हंगामा सहित सात टीवी चैनलों का सौदा होना है।
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) की ओर से रिलायंस-डिज्नी सौंदे पर मंगलवार को 48 पृष्ठों का विस्तृत आदेश जारी किया गया। इसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज और वॉल्ट डिज्नी के बड़े मीडिया परिसंपत्तियों के विलय को मंजूरी दी गई। इसमें सात टीवी चैनलों के विनिवेश सहित विभिन्न शर्तें शामिल हैं।
नियामक की मंजूरी प्राप्त करने से पहले दोनों पक्षों ने स्वेच्छा से सहमति जताई की है कि वे मौजूदा क्रिकेट प्रसारण अनुबंध समाप्त होने तक आईपीएल, आईसीसी और बीसीसीआई के क्रिकेट अधिकारों के लिए टीवी विज्ञापन स्लॉट को बंडल नहीं करेंगे। इसके अलावा, दोनों पार्टियां हंगामा और सुपर हंगामा सहित सात टीवी चैनल का भी सौदा करेंगी।
अन्य शर्तों के अलावा, कंपनियों ने स्वेच्छा से सहमति व्यक्त की है कि वे मौजूदा अधिकारों की शेष अवधि के लिए अपने पास उपलब्ध तीनों क्रिकेट अधिकारों- आईपीएल, आईसीसी और बीसीसीआई- के लिए टीवी विज्ञापन स्लॉट की बिक्री एक साथ नहीं जोड़ेंगी।
48 पृष्ठ के आदेश के अनुसार, "दोनों पक्ष मौजूदा अधिकारों की शेष अवधि के लिए आईपीएल, आईसीसी और बीसीसीआई के पास उपलब्ध सभी तीन क्रिकेट अधिकारों के लिए ओटीटी विज्ञापन स्लॉट की बिक्री को एक साथ नहीं जोड़ेंगे।"
पार्टियों ने वचन दिया है कि वे आईसीसी और आईपीएल आयोजनों के लिए अपने टीवी और स्ट्रीमिंग प्लेटफार्मों पर विज्ञापन दरों को अनुचित स्तर तक नहीं बढ़ाएंगे, जब तक कि वर्तमान अधिकार उनके पास हैं।
28 अगस्त को सीसीआई ने बताया था कि उसने रिलायंस इंडस्ट्रीज और वॉल्ट डिज्नी कंपनी की मीडिया परिसंपत्तियों के विलय को मंजूरी दे दी है, जिससे 70,000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का समूह तैयार होगा।
इस वर्ष के प्रारंभ में घोषित इस सौदे को एंटी-ट्रस्ट विनियामक की जांच का सामना करना पड़ा था, और दोनों पक्षों की ओर से मूल लेनदेन संरचना में कुछ संशोधनों का प्रस्ताव दिए जाने के बाद इसे मंजूरी दी गई।