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Pakistan: पाकिस्तान ने आईएमएफ से एक और बेलआउट पैकेज की मांग की, अगले महीने रिव्यू मिशन भेजने की लगाई गुहार

Sat, 20 Apr 2024 12:54 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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पाकिस्तान - फोटो : i stock
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पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से जलवायु वित्तपोषण के साथ छह से आठ अरब डॉलर के बीच का अगला राहत पैकेज देने का औपचारिक अनुरोध किया है। नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान ने आईएमएफ से विस्तारित कोष सुविधा (ईएफएफ) के तहत तीन साल के अगले राहत पैकेज के ब्योरे को अंतिम रूप देने के लिए अपने रिव्यू मिशन को अगले महीने भेजने का भी अनुरोध किया है।

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हालांकि, जियो न्यूज के अनुसार नए पैकेज का सटीक आकार और समय सीमा मई 2024 में अगले बेलबाउट के प्रमुख संदर्भों पर आम सहमति बनाने के बाद ही निर्धारित की जाएगी। वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल वर्तमान में आईएमएफ/विश्व बैंक की वार्षिक बैठक में भाग लेने के लिए वाशिंगटन के दौरे पर है। 

हालांकि एक पाकिस्तानी अधिकारी अर्थव्यवस्था की गुलाबी तस्वीर पेश कर रहे हैं तो दूसरी ओर आईएमएफ ने मध्य पूर्व और मध्य एशिया के लिए जारी अपने नवीनतम क्षेत्रीय आर्थिक आउटलुक (आरईओ) में कहा कि नकदी की कमी वाले देश (पाकिस्तान) के बाहरी बफर खराब हो गए हैं। यह चिंता खासकर ज्यादातर यूरोबॉन्ड के पुनर्भुगतान और ऋण सेवाओं के बारे में हैं।    
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रिपोर्ट के अनुसार जहां महंगाई का दबाव बना रहता है, खासकर मिस्र, कजाखस्तान, पाकिस्तान, ट्यूनिशिया और उज्बेकिस्तान, वहां मौद्रिक नीति को कड़ा रहना चाहिए और मुद्रास्फीति की स्थिति बहुत अधिक पलट की ना जाए उसके जोखिम पर भी बारीकी से निगरानी करते हुए डेटा पर निर्भर रहना चाहिए। 

2023 में गिरावट के बाद, पाकिस्तान की विकास दर में 2024 में 2 प्रतिशत तक सुधार होने का अनुमान है। अर्थव्यवस्था में यह वृद्धि कृषि और कपड़ा क्षेत्रों में सकारात्मक बदलावों से आने की अपेक्षा की जा रही है। इस बीच, पाकिस्तान वित्त मंत्री औरंगजेब ने वाशिंगटन में विश्व बैंक को बताया कि प्रमुख क्षेत्रों में सुधार एजेंडा के पूरी तरह लागू होने के साथ पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था के 2047 तक 3,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की क्षमता है।

आईएमएफ के साथ पाकिस्तान का मौजूदा 3 बिलियन अमरीकी डालर का समझौता अप्रैल के अंत में पूरा हो रहा है। वहां की सरकार व्यापक आर्थिक स्थिरता को स्थायी बनाए रखने में मदद के लिए एक लंबा और बड़ा ऋण मांग रही है, जिससे देश बहुत जरूरी संरचनात्मक सुधारों को लागू कर सके। वहीं, आईएमएफ ने कहा है कि नए ऋण पैकेज के लिए बातचीत हो रही है वह अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने और सुधारों को प्राथमिकता देने के लिए नाकाफी है।

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