Central Cabinet: एक आधिकारिक बयान के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में तीन महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिजों के लिए रॉयल्टी दरों पर फैसला किया गया।
इसमें कहा गया है कि मंत्रिमंडल की ओर से रॉयल्टी दर को मंजूरी दिए जाने से केंद्र देश में पहली बार लिथियम, नाइओबियम और आरईई ब्लॉकों की नीलामी कर सकेगा।
केंद्र सरकार ने बुधवार को लिथियम और नाइओबियम के लिए तीन-तीन प्रतिशत और दुर्लभ पृथ्वी तत्वों (आरईई) के लिए एक प्रतिशत की रॉयल्टी दरों को मंजूरी दे दी है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में तीन महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिजों के लिए रॉयल्टी दरों पर फैसला किया गया।
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इसमें कहा गया है कि मंत्रिमंडल की ओर से रॉयल्टी दर को मंजूरी दिए जाने से केंद्र देश में पहली बार लिथियम, नाइओबियम और आरईई ब्लॉकों की नीलामी कर सकेगा। खनन मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया, ''केंद्रीय मंत्रिमंडल...खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 (एमएमडीआर अधिनियम) की दूसरी अनुसूची में संशोधन को मंजूरी दी गई है, ताकि तीन महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिजों जैसे लिथियम, नाइओबियम और दुर्लभ पृथ्वी तत्वों (Rare Earth Elements, REEs) के संबंध में रॉयल्टी की दर तय की जा सके।"
डिजिटल प्रोद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग के लिए फ्रांस से समझौते को भी कैबिनेट की मंजूरी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने डिजिटल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग के लिए भारत और फ्रांस के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट की ओर से इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और फ्रांस के अर्थव्यवस्था, वित्त और औद्योगिक व डिजिटल संप्रभुता मंत्रालय के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने को हरी झंडी दिखा दी गई है।
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समझौता ज्ञापन का उद्देश्य डिजिटल प्रौद्योगिकियों से संबंधित जानकारी के निकट सहयोग और आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है। इस समझौते के अनुसार अपने देश में डिजिटल प्रौद्योगिकी तक पहुंच को बढ़ावा देने के लिए दोनों देश एक दूसरे का पारस्परिक रूप से समर्थन करेंगे।