2030 तक 10 लाख करोड़ रुपये का होगा खाद्य सेवाओं का बाजार
आने वाले समय में भारतीयों का बाहर खाने और ऑर्डर करने का शौक ज्यादा तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। इस वजह से देश में खाद्य सेवाओं का बाजार तेजी से बढ़ेगा। अनुमान है कि 2030 तक यह बढ़कर 10 लाख करोड़ रुपये का हो सकता है।
बेन एंड कंपनी की बुधवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, इस अवधि तक ग्राहकों की संख्या बढ़कर 45 करोड़ तक पहुंच सकती है। अभी यह 32-34 करोड़ के बीच है। यानी इसमें 11 करोड़ की वृद्धि होने का अनुमान है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि ऑनलाइन फूड डिलीवरी श्रेणी के 18 फीसदी की सालाना चक्रवृद्धि दर से बढ़ने का अनुमान है। यह श्रेणी 2023 के 12 फीसदी से बढ़कर 2030 तक 20 फीसदी पर पहुंच सकता है। पूरे खाद्य सेवाओं की तुलना में ऑनलाइन फूड डिलीवरी में 2.8 गुना वृद्धि देखी गई है।
भारत ने मसालों के मानक तय करने की सिफारिश की
भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर विभिन्न मसालों के लिए मानक तय करने की सिफारिश की है। बीते एक जुलाई से रोम में जारी कोडेक्स एलिमेंटेरियस आयोग की कार्यकारी समिति के 86वें सत्र में भारत ने छोटी इलायची, हल्दी सहित विभिन्न मसालों के लिए मानक तय करने की बात कही। इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार को सुगम बनाने में मदद मिलेगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण के सीईओ जी कमला वर्धन राव प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
विभिन्न मसालों के अलावा उन्होंने नामित वनस्पति तेलों के लिए मानकों की प्रगति, खाद्य उत्पादन और प्रसंस्करण में पानी के सुरक्षित उपयोग और पुन: उपयोग का समर्थन किया है। दरअसल एफएओ और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा स्थापित कोडेक्स एलिमेंटेरियस कमीशन एक अंतरराष्ट्रीय निकाय है जिसका उद्देश्य उपभोक्ता स्वास्थ्य की रक्षा करना व खाद्य व्यापार में निष्पक्ष प्रथाओं को बढ़ावा देना है।