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Biz Updates: बाजार में गड़बड़ी होने पर ब्रोकर्स और उनकी कंपनी होगी जिम्मेदार, सेबी ने उठाया सख्त कदम

Wed, 03 Jul 2024 08:57 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सेबी की ओर से जारी की गई अधिसूचना के अनुसार, बाजार का बेजा इस्तेमाल और धोखाधड़ी का पता लगाने और उसकी रोकथाम के लिए ब्रोकरेज फर्म के साथ-साथ उसके वरिष्ठ अधिकारी जिम्मेदार होंगे। इसके लिए ब्रोकरेज कंपनी को मजबूत निगरानी और नियंत्रण प्रणाली स्थापित करनी होगी। साथ ही स्टॉक ब्रोकर्स को सौदों में समुचित वृद्धि और रिपोर्टिंग की व्यवस्था बनाई जाएगी।
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बिजनेस अपडेट्स - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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नई दिल्ली। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने शेयर बाजार में गड़बड़ी करने वाले स्टॉक्स ब्रोकर्स पर नकेल कस दिया है। पहली बार सेबी ने स्टॉक ब्रोकर्स पर लगाम लगाने के लिए सख्त कदम उठाया है। सेबी की ओर से अधिसूचित किए गए नए नियम के अनुसार, बाजार में किसी प्रकार की गड़बड़ी होने पर ब्रोकर्स और उनकी कंपनी जिम्मेदारी होगी।

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सेबी की ओर से जारी की गई अधिसूचना के अनुसार, बाजार का बेजा इस्तेमाल और धोखाधड़ी का पता लगाने और उसकी रोकथाम के लिए ब्रोकरेज फर्म के साथ-साथ उसके वरिष्ठ अधिकारी जिम्मेदार होंगे। इसके लिए ब्रोकरेज कंपनी को मजबूत निगरानी और नियंत्रण प्रणाली स्थापित करनी होगी। साथ ही स्टॉक ब्रोकर्स को सौदों में समुचित वृद्धि और रिपोर्टिंग की व्यवस्था बनाई जाएगी।

सेबी ने बाजार धोखाधड़ी के संभावित उदाहरणों को बताया है। इसकी निगरानी के लिए ब्रोकर्स सिस्टम को उपाय करने की जरूरत बताई गई है। संभावित मामलों में सौदे की भ्रामक छवि बनाना, भाव में हेराफेरी, फ्रंट रनिभेदिया कारोबार, गलत बिक्री और अनधिकृत सौदे शामिल हो सकते हैं। शेयर ब्रोकर को किसी भी संदिग्ध गतिविधि का पता लगने के 48 घंटे के भीतर बाजारों को जानकारी देनी होगी। उन्हें संदिग्ध गतिविधि, धोखाधड़ी और बाजार दुरुपयोग के मामलों पर एक विश्लेषण और कार्रवाई रिपोर्ट या ऐसी कोई घटना न होने पर शून्य रिपोर्ट छमाही आधार पर देनी होगी।
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धोखाधड़ी में संलिप्त खातों के खिलाफ तेज कार्रवाई करें बैंकः आरबीआई गवर्नर
बुधवार को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और चुनिंदा निजी क्षेत्र के बैंकों के एमडी और सीईओ के साथ आयोजित एक बैठक में, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने उनसे विभिन्न धोखाधड़ी में संलिप्त खातों के खिलाफ अपने प्रयासों को तेज करने का आग्रह किया। उन्होंने बैंकों के प्रतिनिधियों को डिजिटल धोखाधड़ी को रोकने के लिए अन्य उपायों के साथ ग्राहक जागरूकता तेज करने को भी कहा। दास ने बैंकों को मजबूत साइबर सुरक्षा नियंत्रण सुनिश्चित करने और तीसरे पक्ष के जोखिमों का प्रभावी प्रबंधन करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। दास ने अपनी शुरुआती टिप्पणी में बैंकों की संपत्ति की गुणवत्ता, ऋण प्रावधान, पूंजी पर्याप्तता और लाभप्रदता में निरंतर सुधार का उल्लेख किया।

2030 तक 10 लाख करोड़ रुपये का होगा खाद्य सेवाओं का बाजार
आने वाले समय में भारतीयों का बाहर खाने और ऑर्डर करने का शौक ज्यादा तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। इस वजह से देश में खाद्य सेवाओं का बाजार तेजी से बढ़ेगा। अनुमान है कि 2030 तक यह बढ़कर 10 लाख करोड़ रुपये का हो सकता है।

बेन एंड कंपनी की बुधवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, इस अवधि तक ग्राहकों की संख्या बढ़कर 45 करोड़ तक पहुंच सकती है। अभी यह 32-34 करोड़ के बीच है। यानी इसमें 11 करोड़ की वृद्धि होने का अनुमान है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि ऑनलाइन फूड डिलीवरी श्रेणी के 18 फीसदी की सालाना चक्रवृद्धि दर से बढ़ने का अनुमान है। यह श्रेणी 2023 के 12 फीसदी से बढ़कर 2030 तक 20 फीसदी पर पहुंच सकता है। पूरे खाद्य सेवाओं की तुलना में ऑनलाइन फूड डिलीवरी में 2.8 गुना वृद्धि देखी गई है। 
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भारत ने मसालों के मानक तय करने की सिफारिश की
भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर विभिन्न मसालों के लिए मानक तय करने की सिफारिश की है। बीते एक जुलाई से रोम में जारी कोडेक्स एलिमेंटेरियस आयोग की कार्यकारी समिति के 86वें सत्र में भारत ने छोटी इलायची, हल्दी सहित विभिन्न मसालों के लिए मानक तय करने की बात कही। इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार को सुगम बनाने में मदद मिलेगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण के सीईओ जी कमला वर्धन राव प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

विभिन्न मसालों के अलावा उन्होंने नामित वनस्पति तेलों के लिए मानकों की प्रगति, खाद्य उत्पादन और प्रसंस्करण में पानी के सुरक्षित उपयोग और पुन: उपयोग का समर्थन किया है। दरअसल एफएओ और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा स्थापित कोडेक्स एलिमेंटेरियस कमीशन एक अंतरराष्ट्रीय निकाय है जिसका उद्देश्य उपभोक्ता स्वास्थ्य की रक्षा करना व खाद्य व्यापार में निष्पक्ष प्रथाओं को  बढ़ावा देना है। 
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