Boeing: बोइंग ने एक बयान जारी कर कहा है कि विमानों के रखरखाव के मामले में भारत में पहली बार इस तरह का कार्य किया जा रहा है। यह जटिल रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल (एमआरओ) सेवाओं के मामले में भारत की स्वदेशी क्षमताओं में वृद्धि को दर्शाता है।
अमेरिकी एयरोस्पेस दिग्गज बोइंग ने भारतीय नौसेना के 12 पी-8आई समुद्री निगरानी विमानों के बेड़े को ओवरहाल सेवाएं प्रदान करने के लिए भारत की एआई इंजीनियरिंग सर्विसेज लिमिटेड के साथ साझेदारी की है।
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बोइंग इंडिया ने मंगलवार को कहा, "साझेदारी के हिस्से के रूप में, पी-8आई विमान के पहले लैंडिंग गियर ओवरहाल को हाल ही में तमिलनाडु में नौसैनिक बेस आईएनएस राजाली में पूरा किया गया।"
बोइंग ने एक बयान में कहा, "विमानों के रखरखाव के मामले में भारत में पहली बार इस तरह का कार्य किया जा रहा है। यह जटिल रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल (एमआरओ) सेवाओं के मामले में भारत की स्वदेशी क्षमताओं में वृद्धि को दर्शाता है।"
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बोइंग पी-8आई, एक बहु-भूमिका लंबी दूरी की समुद्री टोही पनडुब्बी रोधी युद्धक (एलआरएमआर एएसडब्ल्यू) विमान है।
बोइंग इंडिया और साउथ एशिया के अध्यक्ष सलिल गुप्ते ने कहा, "एआईईएसएल (एआई इंजीनियरिंग सर्विसेज लिमिटेड) के साथ इस साझेदारी के जरिए, हम भारत की एमआरओ क्षमताओं में रणनीतिक निवेश करना जारी रख रहे हैं। ये सेवाएं भारतीय नौसेना के लिए मिशन तत्परता दरों को बढ़ाने में मदद करेंगी।"
एआई इंजीनियरिंग सर्विसेज लिमिटेड के सीईओ शरद अग्रवाल ने कहा, "हमें बोइंग के साथ साझेदारी करने और भारत में पहली बार पी-8आई विमान के लैंडिंग गियर ओवरहाल को सफलतापूर्वक पूरा करने पर गर्व है। यह एमआरओ सेवाओं के लिए क्षेत्रीय केंद्र बनने की भारत की आकांक्षाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।"