Amit Shah: केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नेशनल कोऑपरेटिव फॉर एक्सपोर्ट लिमिटेड (एनसीईएल) के लोगो, वेबसाइट और ब्रोशर लॉन्च किया है। इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री ने एनसीईएल के सदस्यों को सदस्यता प्रमाण पत्र भी वितरित किए हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नेशनल कोऑपरेटिव फॉर एक्सपोर्ट लिमिटेड (एनसीईएल) के लोगो, वेबसाइट और ब्रोशर लॉन्च किया है। इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री ने एनसीईएल के सदस्यों को सदस्यता प्रमाण पत्र भी वितरित किए हैं। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल भी कार्यक्रम में उपस्थित थे। एनसीईएल द्वारा आयोजित सहकारी निर्यात पर राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित करते हुए केंद्रीय सहकारिता मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड (एनसीईएल) का गठन सहकारी समितियों को निर्यात अवसरों की सुविधा प्रदान करने के लिए किया गया है।
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उन्होंने कहा, "हमारे देश में बहुत सारे किसान अब जैविक खेती की ओर रुख कर रहे हैं। पीएम मोदी ने जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की हैं, और मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि 12 लाख से अधिक किसान पहले ही पंजीकृत हो चुके हैं।"
उन्होंने कहा, "हमारे शास्त्रों में लिखा है कि महा नवमी का दिन शुभ होता है। आज इस शुभ अवसर पर नेशनल कोऑपरेटिव एक्सपोर्ट्स लिमिटेड की औपचारिक शुरुआत हो रही है।" अमित शाह ने कहा कि एनसीईएल यह सुनिश्चित करेगा कि निर्यात लाभ सदस्य किसानों तक पहुंचे; निर्यात लाभ का लगभग 50 प्रतिशत एमएसपी के ऊपर उनके साथ साझा किया जाएगा।
The National Cooperative Export Limited (NCEL) has been created to facilitate cooperatives with export opportunities. Addressing the National Symposium on Cooperative Exports organized by the NCEL. https://t.co/05O9ObAO13
सहकारी क्षेत्र की मदद से हम इथेनॉल की बढ़ती मांग को पूरा करेंगे: पीयूष गोयल
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राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड (एनसीईएल) द्वारा 'सहकारी निर्यात पर राष्ट्रीय संगोष्ठी' में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि जी 20 शिखर सम्मेलन में, पीएम मोदी ने वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन शुरू किया। भारत इस गठबंधन का नेतृत्व कर रहा है, जो इथेनॉल और अन्य जैव ईंधन के बारे में दुनिया में जागरूकता पैदा कर रहा है। इससे मांग बढ़ेगी और भारत के पास उन मांगों को पूरा करने की असीमित संभावनाएं हैं। भारत में बहुत सी कंपनियां इथेनॉल का उत्पादन करती हैं। भविष्य में, हम मक्का का उपयोग करके इथेनॉल का उत्पादन कर सकते हैं। अगर सहकारी क्षेत्र इसमें पहल करता है, तो हम इथेनॉल की बढ़ती मांग को पूरा कर लेंगे।"