देश के निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंकों में से एक आईसीआईसीआई बैंक के पूर्व निदेशक रमा बिजापुरकर इनसाइडर ट्रेडिंग के आरोपों में घिर गए हैं। बैंक की ओर से शेयर बाजार को सूचित किया है कि पिछले हफ्ते बिजापुरकर ने बैंक से इस्तीफा दे दिया था। बता दें कि इनसाइडर ट्रेडिंग का यूज स्टॉक मार्केट में किया जाता है। इसे भेदिया कारोबार या अतरंगी लेन-देन भी कहा जाता है। कंपनी के अंदर की जानकारी का लाभ उठाकर गैरकानूनी तरीके से शेयर बेचकर या खरीदकर लाभ कमाना इनसाइडर ट्रेनिंग कहलाता है।
दो लाख का जुर्माना भी लगाया गया
आईसीआईसीआई बैंक ने शेयर बाजार को जानकारी दी है कि रमा बिजापुरकर ने 5 जनवरी को बैंक के 4900 शेयर खरीदे थे। यह शेयर उस समय खरीदे गए जब इनसाइडर ट्रेडिंग विंडो बंद हो चुका था। बैंक ने कहा है कि बिजापुरकर पर इस वजह से 2,00,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। शेयर बाजार को लिखे पत्र में बैंक ने बताया कि बैंक के इंडिपेंडेंट फाइनेंशियल एडवाइजर ने ट्रेडिंग विंडो बंद होने के बाद भी बिना पूर्व जानकारी के आईसीआईसीआई बैंक के 4900 शेयर खरीदे। आईसीआईसीआई बैंक की ऑडिट कमिटी को इस बारे में बता दिया गया था। बिजापुरकर की स्वीकारोक्ति के बाद यह निष्कर्ष निकाला गया कि सेबी के नियमों के तहत इनसाइडर ट्रेडिंग पर प्रतिबंध है और बिजापुरकर ने प्रतिबंध का उल्लंघन किया है।
बिजापुरकर ने इस तरह किया अपना बचाव
गौरतलब है कि जब किसी कंपनी के मैनेजमेंट से जुड़ा हुआ व्यक्ति कंपनी की अंदरूनी जानकारी के आधार पर शेयर खरीद या बेच कर फायदा उठाता है तो उसे इनसाइडर ट्रेडिंग की श्रेणी में रखा जाता है। रमा बिजापुरकर ने अपने बचाव में बयान देते हुए कहा कि ये अनजाने में हुई गलती थी। इस संबंध में जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा कि यह एक अनजाने में हुई गलती थी, जिसके बारे में पता चलते ही मैंने कंपनी के सामने इसे पूरा-का-पूरा बता दिया था। उन्होंने कहा कि"मैं पुष्टि करता हूं कि मैं इससे संबंधित सभी आवश्यकताओं का अनुपालन कर रहा हूं। नियमों के खिलाफ ऋणदाता के शेयरों की खरीद अनजाने में त्रुटि के कारण हुई थी।