सोमवार को भारतीय शेयर बाजार (Share Market) में कमजोरी के बीच फूड डिलिवरी स्टार्टअप जोमैटो के शेयरों (Zomato Shares Price) के भाव 14% तक गिर गए। कंपनी के प्री आईपीओ शेयर्स में लॉक-इन पीरियड खत्म होते ही कंपनी के शेयर अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए।
आपको बता दें कि कंपनी के प्रमोटर्स, कर्मचारियों और ऐसे सभी शेयरधारकों जिन्होंने कंपनी के शेयर 21 जुलाई 2021 को कंपनी का आईपीओ आने के पहले खरीदे थे उनके शेयरों का लॉकइन पीरियड एक साल पूरा होने पर खत्म हो गया है। लॉकइन पीरियड (Lock-In Period) खत्म होते ही कंपनी के शेयरों में जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली है। जिससे कंपनी के शेयर 14 प्रतिशत तक लुढ़क गए हैं।
आपको बता दें कि सेबी के नियमों के अनुसार अगर कंपनी के पास कोई पहचान योग्य प्रमोटर नहीं हो तो उसके प्री-आईपीओ शेयर 12 महीने तक के लिए लॉक इन पीरियड में रहते हैं। यह समयसीमा खत्म होने के बाद ही इन शेयरों को बेचने की छूट मिलती है।
गौरतलब है कि 23 जुलाई 2021 को जोमैटो कंपनी का आईपीओ (IPO) जारी होने के बाद से कंपनी के 613 करोड़ शेयर पिछले एक सालों से लॉकइन पीरियड में थे। ये शेयर कंपनी के कुल शेयरों के लगभग 78% हैं।
आपको बता दें कि देश की अग्रणी फूड डिलिवरी कंपनी जमैटो की स्थापना साल 2010 में की गई। शेयर में बाजार में लिस्ट होने के बाद कंपनी के शेयरों में अब तक उसके ऑल टाइम हाई से 72% की गिरावट दर्ज की जा चुकी है। कंपनी के शेयर 169.10 रुपये का अपना ऑल टाइम हाई लगा चुके हैं। फिलहाल कंपनी के शेयर अपने इश्यू प्राइस 76 रुपये से लगभग 38 प्रतिशत तक नीचे लुढ़ककर कारोबार कर रहे हैं।
सोमवार के कारोबारी सेशन में कंपनी का कुल मार्केट कैप (Market Cap) 36500 करोड़ रुपये रहा जबकि अपने पीक के समय कंपनी का मार्केट कैप 1.33 लाख करोड़ रुपये तक रहा था। आंकड़ों के अनुसार जोमैटो कंपनी की शेयरों में गिरावट के कारण निवेशक अनुमानित रूप से अब तक 96,600 करोड़ रुपये गंवा चुके हैं।