विदेशी फंडों की लगातार निकासी और इंफोसिस के शेयरों में बिकवाली के बीच शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई। बाजार में लगातार चौथे दिन गिरावट जारी रही। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 570.45 अंक गिरकर 80,436.16 पर आ गया। वहीं एनएसई निफ्टी 178.3 अंक गिरकर 24,571.55 पर आ गया।इससे पहले उतार-चढ़ाव के बीच निफ्टी इंडेक्स 0.34 प्रतिशत या 84 अंक की गिरावट के साथ 24,664.95 अंक पर खुला, जबकि बीएसई सेंसेक्स इंडेक्स 257 अंक या 0.32 प्रतिशत की गिरावट के साथ 80,749.26 पर खुला।
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में टाइटन, इंफोसिस, मारुति, नेस्ले, आईटीसी, अदाणी पोर्ट्स, एचडीएफसी बैंक और हिंदुस्तान यूनिलीवर सबसे ज्यादा पिछड़े। भारत की दूसरी सबसे बड़ी आईटी सेवा निर्यातक कंपनी इंफोसिस लिमिटेड ने गुरुवार को दूसरी तिमाही के अपने शुद्ध लाभ में लगभग 5 प्रतिशत की वृद्धि की सूचना दी। निवेशकों को यह परिणाम रास नहीं आया, जिससे कंपनी के शेयर कमजोर पड़ गए। ब्लू-चिप कंपनियों में एक्सिस बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टाटा मोटर्स और भारती एयरटेल के शेयर हरे निशान पर कारोबार करते दिखे।
विशेषज्ञों ने कहा कि एफआईआई लगातार भारतीय शेयरों पर दबाव बना रहे हैं, लेकिन आने वाले हफ्तों में स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है और तेज रिकवरी की उम्मीद है।बैंकिंग और मार्केट एक्सपर्ट अजय बग्गा ने कहा, "हम आशावादी बने हुए हैं क्योंकि एफआईआई की बिकवाली पहले ही आधे रास्ते को पार कर चुकी है और जैसे-जैसे यह कम होगी, घरेलू प्रवाह रिकवरी में मदद करेगा। जब रिकवरी होगी तो यह तेज और केंद्रित होगी, जिससे लंबी अवधि के निवेशकों को रोलर कोस्टर बाजार की भयावह अस्थिरता के दौरान बने रहने की प्रेरणा मिलेगी।"
भारत की दूसरी सबसे बड़ी आईटी सेवा निर्यातक कंपनी इंफोसिस लिमिटेड ने गुरुवार को दूसरी तिमाही के अपने शुद्ध लाभ में लगभग 5 प्रतिशत की वृद्धि की सूचना दी। ब्लू-चिप कंपनियों में एक्सिस बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टाटा मोटर्स और भारती एयरटेल को लाभ हुआ। एक्सिस बैंक का समेकित शुद्ध लाभ सितम्बर तिमाही में 19.29 प्रतिशत बढ़कर 7,401.26 करोड़ रुपये हो गया, लेकिन बैंक ने असुरक्षित ऋण खंड में कठिनाई की सूचना दी। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने गुरुवार को 7,421.40 करोड़ रुपये मूल्य की इक्विटी बेची।
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा, "भारत में उच्च मूल्यांकन के कारण एफआईआई की ओर से निरंतर बिकवाली बाजार में गिरावट का मुख्य कारण रहा।"
एशियाई बाजारों में सियोल में गिरावट दर्ज की गई जबकि टोक्यो, शंघाई और हांगकांग में बढ़त दर्ज की गई। गुरुवार को अमेरिकी बाजार अधिकतर बढ़त के साथ बंद हुए। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.20 प्रतिशत बढ़कर 74.60 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। गुरुवार को बीएसई का सेंसेक्स 494.75 अंक या 0.61 प्रतिशत गिरकर 81,006.61 अंक पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान यह 595.72 अंक या 0.73 प्रतिशत गिरकर 80,905.64 अंक पर आ गया। एनएसई निफ्टी 221.45 अंक या 0.89 प्रतिशत गिरकर 24,749.85 पर आ गया था।