शेयर बाजार में गिरावट का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा। वायदा करोबार की वीकली एक्सपायरी के दिन गुरुवार को भी प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान पर बंद हुए। विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी के कारण शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों गिरावट दर्ज की गई। रियल्टी, ऑटो, कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी और कंज्यूमर ड्यूरेबल शेयरों में भारी बिकवाली से बाजार में नकारात्मक माहौल बना रहा।
बैंकिंग और ऑटो शेयरों में गिरावट के कारण सेंसेक्स और निफ्टी दो महीनों के निचले स्तर पर पहुंच गए। सेंसेक्स के 30 शेयरों में 21 गिरावट के साथ बंद हुए वहीं, 9 शेयर हरे निशान पर बंद होने में सफल रहे। गुरुवार के कारोबारी सत्र के बाद बीएसई पर लिस्टेट कंपनियों का मार्केट कैप छह लाख करोड़ ( 6,03,862.06) रुपये कम होकर 4,57,25,183.01 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से नेस्ले में 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई। एफएमसीजी कंपनी ने सितंबर 2024 को समाप्त दूसरी तिमाही में शुद्ध लाभ में 0.94 प्रतिशत की गिरावट की जानकारी दी है।कंपनी का शुद्ध मुनाफा 899.49 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। कंपनी को अपने प्रमुख ब्रांडों की मांग में कमी और कमोडिटी की बढ़ती कीमतों के कारण इस स्थिति का सामना करना पड़ा।
एशियाई बाजारों में सियोल, टोक्यो, शंघाई और हांगकांग में गिरावट रही। मध्य सत्र के सौदों में यूरोपीय बाजार बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे। बुधवार को अमेरिकी बाजार सकारात्मक दायरे में बंद हुए।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.27 प्रतिशत बढ़कर 74.42 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। बुधवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट के साथ बीएसई सेंसेक्स 318.76 अंक या 0.39 प्रतिशत गिरकर 81,501.36 अंक पर बंद हुआ था। वहीं, निफ्टी 86.05 अंक या 0.34 प्रतिशत गिरकर 24,971.30 अंक पर बंद हुआ था।