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Rolex Rings IPO: कुछ ही घंटों में पूरी तरह सब्सक्राइब हुआ आईपीओ, 30 जुलाई को होगा बंद

Wed, 28 Jul 2021 03:06 PM IST
‌डिंपल अलावाधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

रोलेक्स रिंग्स के आईपीओ को खुलने के कुछ घंटों के भीतर ही पूरा अभिदान मिल गया। यह 30 जुलाई को बंद होगा। 731 करोड़ रुपये के इस आईपीओ के लिए कंपनी ने प्राइस बैंड 880 रुपये से 900 रुपये तय किया गया है। 
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Rolex Rings IPO subscription - फोटो : pixabay
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विस्तार
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पिछले साल में प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) बाजार गुलजार रहा। तरलता की बेहतर स्थिति तथा निवेशकों की उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया के चलते कंपनियों ने साल 2020 में आईपीओ के जरिए करोड़ों रुपये जुटाए हैं। इस साल भी आईपीओ बाजार से निवेशकों को बंपर मुनाफा हुआ है। आईपीओ बाजार में हलचल अभी खत्म नहीं हुई है। आज ऑटो कलपुर्जे बनाने वाली कंपनी रोलेक्स रिंग्स का आईपीओ खुला और खुलने के कुछ घंटों के भीतर ही इसे पूरा अभिदान मिल गया। निवेशक इस आईपीओ के लिए तीन दिनों तक आवेदन कर सकते हैं। यह 30 जुलाई को बंद होगा।

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इतना है प्राइस बैंड
731 करोड़ रुपये के इस आईपीओ के लिए कंपनी ने प्राइस बैंड 880 रुपये से 900 रुपये तय किया गया है। नेश्नल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के आंकड़ों के अनुसार, सुबह 11:25 बजे तक आईपीओ को प्रस्ताव पर 56,85,556 शेयरों के मुकाबले 63,47,712 शेयरों के लिए बोलियां मिलीं, जो 1.12 गुना अभिदान को दर्शाता है। आईपीओ को गैर-संस्थागत निवेशक (NII) श्रेणी में सात फीसदी अभिदान मिला। वहीं खुदरा व्यक्तिगत निवेशकों (आरआईआई) के लिए आरक्षित श्रेणी को 2.20 गुना अभिदान मिला।

ये है कंपनी की योजना
आईपीओ के तहत कंपनी ने 56 करोड़ रुपये के नए शेयर इश्यू किए गए। 675 करोड़ रुपये के शेयर रिवेंडेल पीई एलएलसी (पूर्व नाम एनएसआर-पीई मॉरीशस एलएलसी) द्वारा ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के तहत इश्यू किए गए। आईपीओ के तहत मिले फंड का इस्तेमाल कंपनी लंबे समय के लिए वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने में करेगी। साथ ही आम कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाएगा। 
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क्या है आईपीओ?
जब भी कोई कंपनी या सरकार पहली बार आम लोगों के सामने कुछ शेयर बेचने का प्रस्ताव रखती है तो इस प्रक्रिया को प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) कहा जाता है। आईपीओ में पैसा लगाकर निवेशक अच्छे पैसे कमा सकते हैं। पिछले साल कंपनियों ने प्राइमरी मार्केट से 31,000 करोड़ रुपये जुटाए। कुल 16 आईपीओ लॉन्च हुए, जिनमें से 15 की लॉन्चिंग दूसरी छमाही में हुई थी। 2019 के पूरे साल में 16 आईपीओ के जरिए 12,362 करोड़ रुपये जुटाए गए थे। 2018 में 24 कंपनियों ने आईपीओ से 30,959 करोड़ रुपये जुटाए थे। दरअसल, कोरोना वायरस महामारी घरेलू शेयर बाजार उबरने लगे हैं। इसे देखते हुए कंपनियां लगातार आईपीओ लॉन्च कर रही हैं। 

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