गौरतलब है कि सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन यानी गुरुवार (21 अक्तूबर) को मिश्रित वैश्विक रुझानों के बावजूद भारतीय शेयर बाजार सकारात्मक स्तर पर खुले थे। इस दौरान सेंसेक्स की शुरुआत 286.63 अंकों की तेजी के साथ 61546.59 के स्तर पर हुई। वहीं, निफ्टी भी 82.40 अंकों की बढ़त के साथ 18349 पर खुला। हालांकि, कुछ देर बाद ही बाजार में तेजी से गिरावट आने लगी।
सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन यानी गुरुवार (21 अक्तूबर) को शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई। यह लगातार तीसरा सत्र था, जब सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान पर बंद हुए। दरअसल, घरेलू शेयरों ने अब तक मिले लाभ को गंवा दिया और तेज बिकवाली के चलते बाजार में गिरावट छाई हुई है। इस दौरान टेक्नोलॉजी कंपनियों और दिग्गज शेयर रिलायंस में आई गिरावट से बाजार को नुकसान पहुंचा।
गुरुवार दोपहर 12:45 बजे बीएसई का सेंसेक्स 477 अंक नीचे 60,782.16 पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी 119.10 अंक नीचे 18,147.50 पर बना हुआ था, जबकि सुबह के वक्त निफ्टी की शुरुआत 18,350 के स्तर पर हुई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि क्रूड ऑयल के दाम तीन साल के सर्वोच्च स्तर पर पहुंचने और सकारात्मक खबरों के अभाव का असर शेयर बाजार पर पड़ रहा है।
कारोबार के दौरान रिलायंस का शेयर 2.69 फीसदी टूटकर 2627.30 रुपये पर पहुंच गया। वहीं, आईटी शेयर इंफोसिस, एचसीएल, टेक महिंद्रा, टीसीएस में 2.4 फीसदी तक गिरावट आई। कोटक महिंद्रा बैंक, पावर ग्रिड और सन फार्मा चार फीसदी तक चढ़ गए। पिछले दो सत्र में 31 फीसदी गिरने के बाद आईआरसीटीसी के शेयर में 2.18 फीसदी का उछाल आया, जिसके बाद शेयर 4529.40 रुपये पर पहुंच गया। सितंबर तिमाही में हैवेल्स इंडिया को 302.39 करोड़ का शुद्ध लाभ हुआ, लेकिन यह पिछली तिमाही से 7.34 फीसदी कम रहा। इससे शेयर 7.85 फीसदी गिर गया। 19 अक्तूबर को एचडीएफसी एसेट मैनेजमेंट कंपनी के साथ हुए लेन-देन के बाद वैरॉक इंजीनियरिंग का शेयर 7.42 फीसदी चढ़कर 315.70 रुपये पर पहुंच गया।