खुदरा और विदेशी निवेशकों की ओर से लगातार निवेश और कंपनियों की आय में मजबूत वृद्धि की उम्मीदों के बीच 2023 का साल बाजार के लिए बढ़िया साबित हुआ। भारतीय शेयर बाजार 2023 में आठ साल की रिकॉर्ड तेजी के बाद लगातार नए ऑलटाइम हाई की ओर बढ़ा। 2023 में सेंसेक्स के 30 में से 30 शेयर सकारात्मक रिटर्न देने में सफल रहे। वहीं निफ्टी के 50 शेयरों में से 48 निवेशकों को मुनाफा कराया। ब्लूमबर्ग न्यूज की ओर से 10 फंड मैनेजरों और रणनीतिकारों पर किए गए अनौपचारिक सर्वेक्षण में यह बात सामने आई है।
सर्वे में सात फंड मैनेजरों ने कहा कि एनएसई निफ्टी 50 इंडेक्स 2024 में भी बढ़त का सिलसिला बरकरार रखेगा। इन में से दो ने तो कम से कम 10% से अधिक की मजबूती का अनुमान लगाया है। सर्वे में महज एक ने भारतीय बाजार के सपाट रहने जबकि दो ने गिरावट का अनुमान जताया है। साल 2023 में निफ्टी 50 ने एमएससीआई के एशिया प्रशांत और उभरते बाजारों के सूचकांकों मिले रिटर्न को पछाड़ते हुए लगभग 19.37% की बढ़त हासिल की।
इस अप्रत्याशित बढ़त के बाद भारत के शेयर बाजार का मूल्यांकन पहली बार 4 ट्रिलियन डॉलर से ऊपर पहुंचा गया, जो हांगकांग के करीब है। भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज वृद्धि और अपने सबसे बड़े उभरते बाजार और चीन के प्रति निवेशकों की लगातार चिंताओं के कारण अगले साल के लिए एशिया में सबसे पसंदीदा बाजारों में से एक बना हुआ है। आइए जानते उन शेयरों के बारे में जिन्होंने 2023 में निवेशकों को दमदार मुनाफा देते हुए बाजार को नई बुलंदियों पर पहुंचा दिया है।
2023 में निफ्टी 50 के 50 शेयरों में केवल दो शेयरों में निवेश पर निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ा। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के एनएसई निफ्टी 50 बेंचमार्क के घटक यूपीएल के शेयरों में निवेशकों को 18.62 प्रतिशत का नुकसान उठाना पड़ा। 2023 की शुरुआत में ही अदाणी समूह के बारे में सार्वजनिक की गई हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद समूह के शेयरों में बड़ी गिरावट आई। निफ्टी 50 में शामिल समूह कंपनी मूल कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज के शेयरों में सालाना आधार पर 25.57 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि साल के शुरुआती महीनों में गिरावट के बाद कंपनी के शेयर संभले और समय के साथ-साथ निवेशकों का भरोसा भी लौटता गया।