15वें वित्त आयोग की सलाहकार समिति ने शुक्रवार को अर्थव्यवस्था पर कोविड-19 के प्रभावों का आकलन किया और सरकार को अपने कर्ज में कमी लाने का सुझाव दिया। परिषद ने कहा कि लॉकडाउन का उद्योगों पर गहरा प्रभाव पड़ा है, जिससे कर वसूली में बड़ी गिरावट आई है। यह असर केंद्र और राज्य दोनों पर पड़ा है।
कुछ सदस्यों का कहना था कि आगे भी कर वसूली में गिरावट जारी रह सकती है, लेकिन यह कम-ज्यादा हो सकता है। परिषद ने राजकोषीय घाटे को सुधारने का भी सुझाव दिया है जो सरकार ने 2020-21 के लिए 7.96 लाख करोड़ के राजकोषीय घाटे का अनुमान लगाया है।
आरबीआई ने सुधारों की जानकारी दी...
रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने केंद्रीय बोर्ड के साथ बैठक में कोविड-19 के प्रभावों को कम करने के लिए उठाए कदमों की जानकारी दी। कहा, नीतिगत दरों में बड़ी कटौती के जरिये अर्थव्यवस्था को सहारा दिया है।