शहर चुनें

अपना शहर चुनें

Top Cities
States

उत्तर प्रदेश

दिल्ली

उत्तराखंड

हिमाचल प्रदेश

जम्मू और कश्मीर

पंजाब

हरियाणा

विज्ञापन

तीन से चार ग्रामीण बैंकों का विलय कर आईपीओ लाने की तैयारी में सरकार

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Updated Mon, 29 Jul 2019 10:10 AM IST
आईपीओ
सरकार विलय प्रक्रिया पूरी होने के बाद चालू वित्त वर्ष में वित्तीय रूप से मजबूत तीन से चार क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) के शेयर बाजारों में सूचीबद्ध कराने की योजना बना रही है। साथ ही इस साल इन बैंकों के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) भी ला सकती है। विलय की प्रक्रिया चल रही है और आरआरबी की संख्या को 45 से घटाकर 38 पर लाया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि अभी कुछ और विलय हो सकते हैं, जिसके लिए राज्य सरकारों की मंजूरी मिल गई है। 
विज्ञापन
सूत्रों का कहना है कि राज्य के भीतर ही आरआरबी के विलय से इन बैंकों के ऊपरी खर्च में कमी आएगी। प्रौद्योगिकी का अधिकतम इस्तेमाल होगा। पूंजी आधार और परिचालन क्षेत्र के विस्तार के साथ उनकी पहुंच भी बढ़ेगी। बड़ी इकाई बनाने के लिए पिछले कुछ महीने विभिन्न राज्यों में 21 बैंकों का विलय हो चुका है। उन्हें बड़े स्तर पर इसका लाभ मिलेगा। सूत्रों के मुताबिक, तीन से चार आरआरबी आईपीओ लाने के पात्र हैं। सरकार इसी साल इन बैंकों के आईपीओ ला सकती है। आरआरबी कानून-1976 के तहत क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की स्थापना छोटे किसानों, कृषि श्रमिकों और ग्रामीण क्षेत्रों के कारीगरों के कर्ज एवं अन्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए हुई थी। इस काननू में 2015 में संशोधन किया गया। इसके बाद इन बैंकों को केंद्र, राज्य और प्रायोजक के अलावा अन्य स्रोतों से भी पूंजी जुटाने की मंजूरी मिल गई। 

सरकार का ही रहेगा नियंत्रण

क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों में केंद्र की हिस्सेदारी 50 फीसदी, प्रायोजक बैंकों की 35 फीसदी और राज्यों की 15 फीसदी है। संशोधित कानून के अंतर्गत शेयरों की बिक्री के बावजूद केंद्र और प्रायोजक बैंकों की कुल हिस्सेदारी 51 फीसदी से कम नहीं हो सकती है। इस कारण इन बैंकों का मालिकाना हक और नियंत्रण सरकार के पास ही रहेगा। 2019-20 के लिए बजट में आरआरबी के पुनर्पूंजीकरण के लिए 235 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
विज्ञापन

Recommended

bank banking sector rural banking ipo बैंकिंग सेक्टर आईपीओ

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Recommended Videos

Next
Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।