संकट से जूझ रहे बैंकों के जमाकर्ताओं के लिए अच्छी खबर है। केंद्र सरकार ने डीआईसीजीसी (जमा बीमा और ऋण गारंटी निगम) अधिनियम में संशोधन की अधिसूचना जारी कर दी है। इसके तहत पंजाब एवं महाराष्ट्र सहकारी बैक (पीएमसी) जैसे बैंकों के खाताधारतों को 30 नवंबर से पांच लाख तक की राशि वापस मिलेगी।
संसद ने इसी महीने की शुरुआत में मानसून सत्र के दौरान डीआईसीजीसी संशोधन विधेयक 2021 को पारित किया था। यह विधेयक इस बात को सुनिश्चित करता है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से बैंकों पर रोक लगाए जाने के 90 दिनों के अंदर खाताधारकों को पांच लाख रुपये तक की राशि मिल सके।
यह राशि डीआईसीजीसी उपलब्ध कराएगा। 27 अगस्त 2021 की गजट अधिसूचना के अनुसार, सरकार ने एक सितंबर 2021 को उस तारीख के रूप में अधिसूचित किया है जिस दिन कानून के प्रावधान लागू होंगे। ऐसे में जमाकर्ताओं को पैसा मिलने की तारीख कानून के प्रभावी होने के 90 दिन बाद यानी 30 नवंबर है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसे लेकर कहा था कि पहले 45 दिन बैंक के लिए हैं, जो उन खातों की जानकारी एकत्र करने में संकट में आ गए हैं जहां दावे किए जाने हैं। इसके बाद इसे बीमा कंपनी को भेजा जाएगा, जो वास्तविक समय में जांच करेगी और 90वें दिन के करीब जमाकर्ताओं को पैसा मिल जाएगा।
इसका लाभ उन 23 सहकारी बैंकों के जमाकर्ताओं को भी मिलेगा जो वित्तीय दबाव में हैं और जिन पर आरबीआई ने कुछ प्रतिबंध लगाए हैं। उल्लेखनीय है कि वर्तमान व्यवस्था के अनुसार वित्तीय दबाव झेल रहे बैंकों के कमाकर्ताओं को अपनी बीमित राशि व अन्य दावों को पाने में आठ से 10 साल का समय लग जाता है।
बता दें कि डीआईसीजीसी, आरबीआई की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है, जो बैंक जमा पर बीमा कवर प्रदान करती है।