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कोरोना वायरस : महामारी के बावजूद 9.45 लाख करोड़ रहा प्रत्यक्ष कर संग्रह

Sat, 10 Apr 2021 01:39 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, नई दिल्ली।

सार

  • 05 फीसदी ज्यादा रहा संग्रह 2020-21 के लिए संशोधित बजट अनुमान से
  • कॉरपोरेट कर से 4.57 लाख करोड़ और व्यक्तिगत आयकर से 4.71 लाख करोड़ जुटाए
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सांकेतिक तस्वीर.... - फोटो : pixabay
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विस्तार
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महामारी से प्रभावित होने के बावजूद 2020-21 में शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 9.45 लाख करोड़ रुपये रहा, जो संशोधित बजट अनुमान 9.05 लाख करोड़ से 5 फीसदी ज्यादा है। हालांकि, यह 2019-20 के दौरान हुए 10.49 लाख करोड़ के कुल संग्रह से 10 फीसदी कम है।

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सरकार ने 2020-21 के बजट में प्रत्यक्ष कर के जरिए 13.19 लाख करोड़ जुटाने का अनुमान जताया था। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के शुक्रवार के आंकड़ों के मुताबिक, कुल प्रत्यक्ष कर संग्रह में शुद्ध कॉरपोरेट कर संग्रह की हिस्सेदारी 4.57 लाख करोड़ रही।

इस दौरान सरकार ने शुद्ध व्यक्तिगत आयकर के जरिए 4.71 लाख करोड़ रुपये जुटाए, जबकि 16,927 करोड़ रुपये प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) के जरिए मिले।

सीबीडीटी के मुताबिक, पिछले वित्त वर्ष में सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह 12.06 लाख करोड़ रुपये था। 2.61 लाख करोड़ रुपये के रिफंड जारी करने के बाद शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 9.45 लाख करोड़ रुपये रहा।
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रिफंड जारी करने में इससे पिछले साल के मुकाबले 42 फीसदी की वृद्धि रही। वित्त मंत्रालय ने कहा कि महामारी की चुनौतियों के बावजूद शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह में उल्लेखनीय तेजी देखने को मिली।

आयकर विभाग के प्रयासों से बढ़ा संग्रह : पीसी मोदी
सीबीडीटी के अध्यक्ष पीसी मोदी ने कहा कि आयकर विभाग ने 2020-21 में पर्याप्त रिफंड जारी करने के बावजूद संशोधित अनुमानों से अधिक कर जुटाया है। विभाग ने कागजी कार्रवाई के बोझ को कम करने और बेहतर करदाता सेवाएं मुहैया कराने के लिए कई उपाय किए हैं।

इसका असर पिछले वित्त वर्ष के कर संग्रह में देखने को मिला। उन्होंने कहा कि विवाद से विश्वास योजना के तहत 54,000 करोड़ रुपये के एक तिहाई विवादों को सुलझा लिया गया है। कॉरपोरेट टैक्स को एक बार फिर वैश्विक न्यूनतम कर के दायरे में लाने के सवाल पर कहा, सरकार ने पहले ही कॉरपोरेट टैक्स की दरों में कमी की है।

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