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एक ऐसी जगह, जहां रहने के लिए लोगों को करवाना पड़ता है अपेंडिक्स का ऑपरेशन

Sun, 01 Mar 2020 10:42 AM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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यहां रहने के लिए करवाना पड़ता है ऑपरेशन - फोटो : Social media
दुनिया में किसी भी जगह रहने के लिए कुछ शर्तें होती हैं। कुछ कानूनी जिम्मेदारियों होती हैं। जैसे भारत में रहने के लिए हर भारतीय के पास आधार नंबर होना 'जरूरी' (मामला न्यायालय में) है। विदेशियों के पास यहां रहने के लिए अपने मुल्क का पासपोर्ट और भारत से वीजा मिलना जरूरी है। लेकिन अंटार्कटिका में एक बस्ती ऐसी भी है जहां लंबे वक्त के लिए रहना है तो अपनी अपेंडिक्स को ऑपरेशन कर के हटवाना जरूरी शर्त है। 

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यहां रहने के लिए करवाना पड़ता है ऑपरेशन - फोटो : Social media
अंटार्कटिका बेहद सर्द महाद्वीप है। यहां लोग कुछ महीनों के लिए ही रहते हैं। मगर, इस सर्द वीराने में भी इंसानों की कुछ बस्तियां आबाद हैं। ऐसी ही एक बस्ती है विलास लास एस्ट्रेलास। ये अंटार्कटिका का वो इलाका है, जहां या तो रिसर्च के मकसद से वैज्ञानिक रहते हैं, या फिर चिली की वायु सेना और थल सेना के जवान रहते हैं। ज्यादातर सैनिक यहां आते-जाते रहते हैं, लेकिन बहुत से वैज्ञानिक और सैनिक यहां लंबे समय से रह रहे हैं। वो यहां अपना परिवार भी साथ ले आए हैं। विलास लास एस्ट्रेलास की आबादी बमुश्किल सौ लोगों की होगी। 
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यहां रहने के लिए करवाना पड़ता है ऑपरेशन - फोटो : Social media
हालांकि यहां किसी बड़े गांव या छोटे शहर जैसी सुविधाएं नहीं हैं। फिर भी जरूरत के मुताबिक जनरल स्टोर, बैंक, स्कूल, छोटा-सा पोस्ट ऑफिस और अस्पताल बना दिए गए हैं। स्कूलों में बच्चों को बुनियादी तालीम तो मिल जाती है, लेकिन अस्पतालों में इलाज बहुत ही सतही मिलता है। अंटार्कटिका में एक बड़ा अस्पताल है, लेकिन वो विलास लास एस्ट्रेलास गांव से एक हजार किलोमीटर दूर है। रास्ते भर बर्फ के पहाड़ों से होकर गुजरना पड़ता है। ये बड़ा अस्पताल भी शहर के किसी मल्टी स्पेशियालिटी अस्पताल जैसा नहीं है। बेस के अस्पताल में चंद ही डॉक्टर हैं और वो भी माहिर सर्जन नहीं हैं। इसीलिए किसी भी तरह की इमरजेंसी से बचने के लिए लोगों को अपेंडिक्स का ऑपरेशन करवाना जरूरी होता है। 

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सी-130 हर्क्यूलिस विमान - फोटो : Social media
यहां के लोगों की जिंदगी जितनी अद्भुत है, उससे भी ज्यादा अद्भुत है ये जगह। अलग-अलग दिशाएं बताने वाले निशानों को देखकर ही अंदाजा हो जाता है कि ये जगह घनी आबादी से कितनी दूर है। मिसाल के लिए बीजिंग यहां से करीब 17,501 किलोमीटर दूर है। जरूरत का सामान यहां सेना के विशाल हवाई जहाज अमेरिकी कंपनी लॉकहीड मार्टिन के बनाए मालवाहक विमान सी-130 हर्क्यूलिस से लाया जाता है। आसपास के इलाकों में चलने के लिए 4WD ट्रक और राफ्टिंग बोट की जरूरत पड़ती है। 
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यहां रहने के लिए करवाना पड़ता है ऑपरेशन - फोटो : Social media
इस इलाके का औसत तापमान साल भर माइनस 2.3 सेल्सियस रहता है जो कि अंटार्कटिका के मुख्य इलाके के तापमान के मुकाबले काफी गर्म है। बर्फ की चट्टानों से लगी कुछ इमारतें भी हैं, जिनके अंदर का तापमान बाहर के मुकाबले बेहतर होता है। बिल्डिंगों के अंदर सजावट भी बेहतर है। दीवारों पर कुछ खास यादगार तस्वीरें लटकी दिख जाती हैं। इनमें एक तस्वीर मशहूर वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग्स की भी लगी है। 
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यहां रहने के लिए करवाना पड़ता है ऑपरेशन - फोटो : Social media
सर्जियो क्यूबिलोस चिली के एयरफोर्स बेस के कमांडर हैं। वो यहां करीब दो साल से अपनी पत्नी और बच्चे के साथ रह रहे हैं। हालांकि उनका परिवार कुछ दिन के लिए चिली लौट गया था, लेकिन खुद सर्जियो दो साल से यहीं पर हैं। अपने तजुर्बे के आधार पर वो कहते हैं कि यहां सर्दी का मौसम झेलना एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि सर्दी में तापमान माइनस 47 डिग्री तक पहुंच जाता है। ऐसे में कई-कई दिन घर में ही कैद रहना पड़ता है। वो कहते हैं कि अब तो उनके परिवार को भी यहां का मौसम झेलने की आदत हो चुकी है। वो अब ना सिर्फ मौसम का मजा लेते हैं बल्कि अन्य सैनिकों के परिवारों के साथ हैलोवीन जैसे त्यौहार भी मनाते हैं। 
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यहां रहने के लिए करवाना पड़ता है ऑपरेशन - फोटो : Social media
परिवार के साथ रहने वालों को एक और बात का ख्याल रखने की सलाह दी जाती है। खासतौर से सैन्य बेस में रहने वालों को हिदायत दी जाती है कि उनकी पत्नी गर्भवती ना हो क्योंकि मेडिकल सुविधा के अभाव में कोई भी बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है। यहां पेंगुइन को इंसानों से खतरा नहीं है। वो बेखौफ घूमती हैं, लेकिन तापमान ज्यादा गिरने पर मरती भी खूब हैं। तापमान गिरने पर समुद्र में भी बर्फ जम जाती है।  
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यहां रहने के लिए करवाना पड़ता है ऑपरेशन - फोटो : Social media
सैन्य बेस से काफी दूरी पर ऊंचाई वाले इलाके पर ट्रिनिटी नाम का एक रूसी चर्च है। बताया जाता है कि इसे रूस के एक रूढ़िवादी पादरी ने बनाया था। विलास लास एस्ट्रेलास दुनिया का ऐसा हिस्सा है जहां किसी और ग्रह पर रहने का अनुभव किया जा सकता है। इसमें कोई शक नहीं कि यहां रहना एक चुनौती भरा काम है, लेकिन यहां रहने वालों को जिस तरह की जिंदगी का तजुर्बा होगा वो दुनिया के किसी और इंसान को नहीं हो सकता।  
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