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भारत का वो रहस्यमय और वीरान किला, जहां राजा ने खुद काट दिया था रानी का सिर

Wed, 04 Mar 2020 02:51 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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भारत का रहस्यमय किला - फोटो : Social media
भारत में राजाओं के ऐसे कई किले हैं, जो अपने आप में एक अनूठी कहानी समेटे हुए हैं। ये किले भारत की शान तो कहे ही जाते हैं, साथ ही साथ यहां की कुछ ऐसी रहस्यमय बातें भी हैं, जो लोगों को सोचने पर मजबूर कर देती हैं। एक ऐसा ही किला मध्य प्रदेश के भोपाल में है, जिसके बारे में कहा जाता है कि यहां शासन कर रहे राजा ने खुद अपनी रानी का सिर काट दिया था। इसके पीछे एक बेहद ही हैरान करने वाली एतिहासिक कहानी है।  
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रायसेन का किला, भोपाल - फोटो : Social media
इस किले का नाम रायसेन फोर्ट (रायसेन का किला) है। सन् 1200 ईस्वी में निर्मित यह किला पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। यह प्राचीन वास्तुकला और गुणवत्ता का एक अद्भुत प्रमाण है, जो कई शताब्दियां बीत जाने के बाद भी शान से उसी तरह खड़ा है, जैसा पहले था। 
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रायसेन का किला, भोपाल - फोटो : Social media
बलुआ पत्थर से बने इस किले के चारों ओर बड़ी-बड़ी चट्टानों की दीवारें हैं। इन दीवारों के नौ द्वार और 13 बुर्ज हैं। इस किले का शानदार इतिहास रहा है। यहां कई राजाओं ने शासन किया है, जिनमें से एक शेरशाह सूरी भी था। हालांकि यह किला जीतने में उसके पसीने छूट गए थे। तारीखे शेरशाही के मुताबिक, चार महीने की घेराबंदी के बाद भी वो यह किला नहीं जीत पाया था। 

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रायसेन किले में मौजूद तोपें - फोटो : Social media
कहते हैं कि शेरशाह सूरी ने इस किले को जीतने के लिए तांबे के सिक्कों को गलवाकर तोपें बनवाईं थी, जिसकी बदौलत ही उसे जीत नसीब हुई थी। हालांकि कहा जाता है कि 1543 ईस्वी में इसे जीतने के लिए शेरशाह ने धोखे का सहारा लिया था। उस समय इस किले पर राजा पूरनमल का शासन था। उन्हें जैसे ही ये पता चला कि उनके साथ धोखा हुआ है तो उन्होंने दुश्मनों से अपनी पत्नी रानी रत्नावली को बचाने के लिए उनका सिर खुद ही काट दिया था। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media
इस किले से जुड़ी एक बेहद ही रहस्यमय कहानी है। कहते हैं कि यहां के राजा राजसेन के पास पारस पत्थर था, जो लोहे को भी सोना बना सकता था। इस रहस्यमय पत्थर के लिए कई युद्ध भी हुए थे, लेकिन जब राजा राजसेन हार गए तो उन्होंने पारस पत्थर को किले में ही स्थित एक तालाब में फेंक दिया। 
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रायसेन किला - फोटो : Social media
कहते हैं कि कई राजाओं ने इस किले को खुदवाकर पारस पत्थर को खोजने की कोशिश की, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। आज भी लोग यहां रात के समय पारस पत्थर की तलाश में तांत्रिकों को अपने साथ लेकर जाते हैं, लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लगती है। इसको लेकर ये कहानी भी प्रचलित है कि यहां पत्थर को ढूंढ़ने आने वाले कई लोग अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं, क्योंकि पारस पत्थर की रक्षा एक जिन्न करता है। 
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रायसेन किला - फोटो : Social media
हालांकि, पुरातत्व विभाग को अब तक ऐसा कोई भी सबूत नहीं मिला है, जिससे पता चले कि पारस पत्थर इसी किले में मौजूद है, लेकिन कही-सुनी कहानियों की वजह से लोग चोरी-छिपे पारस पत्थर की तलाश में इस किले में पहुंचते हैं। 
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