पटियाला के महाराजा भूपिंदर सिंह
- फोटो : Social media
दीवान जरमनी दास के मुताबिक, महल का एक खास कमरा, जो 'प्रेम मंदिर' कहलाता था, महाराजा के लिए रिजर्व (आरक्षित) था, यानी उस कमरे में उनके अलावा और कोई नहीं आ सकता था, बिना उनकी इजाजत के। इस कमरे में राजा के भोग-विलास का पूरा इंतजाम रहता था। उनके महल के अंदर एक बड़ा सा तालाब भी था, जिसे स्विमिंग पूल कह सकते हैं, उसमें एक साथ लगभग 150 लोगों के नहाने की व्यवस्था थी। राजा अक्सर यहां पार्टियां दिया करते थे, जिसमें वो अपनी चहेतियों और प्रेमिकाओं को बुलाते थे। इसके अलावा महाराजा के कुछ खास लोग भी पार्टी में शामिल होते थे। ये लोग तालाब में खूब नहाते-तैरते और 'अय्याशी' करते थे।