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आखिर कौन थे दारा शिकोह, जिनका सिर काटकर शाहजहां के सामने पेश किया गया था

Mon, 11 May 2020 11:10 AM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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दारा शिकोह - फोटो : Wikipedia
शाहजहां और औरंगजेब जैसे मुगल बादशाहों के बारे में तो पूरी दुनिया जानती है, लेकिन दारा शिकोह को बहुत कम ही लोग जानते होंगे। दरअसल, दारा शिकोह शाहजहां के बड़े बेटे और औरंगजेब के बड़े भाई थे। शाहजहां अगर अपने बेटों में सबसे ज्यादा किसी को मानते थे तो वो दारा शिकोह ही थे, लेकिन ऐसा क्या हुआ कि उनका सिर काटकर सीधे उनके पिता शाहजहां के सामने पेश किया गया और कटवाया भी किसने, तो उनके छोटे भाई औरंगजेब ने। तो चलिए इसके पीछे का इतिहास जान लेते हैं। 
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शाहजहां - फोटो : Social media
दारा शिकोह को वर्ष 1633 में शहजादा (युवराज) बनाया गया था, यानी शाहजहां के बाद दारा ही मुगल सल्तनत के अगले बादशाह होते। खुद शाहजहां ने भी इसकी घोषणा कर दी थी, लेकिन दारा के बाकी भाईयों यानी शाहजहां के दूसरे बेटों को ये स्वीकार नहीं था। इस बीच शाहजहां जैसे ही बीमार पड़े, उनके बेटों में सत्ता को लेकर संघर्ष शुरू हो गया। 
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औरंगजेब - फोटो : Social media
उत्तराधिकार की लड़ाई में औरंगजेब ने अपने ही बड़े भाई दारा शिकोह की हत्या करवा दी और शाहजहां को तो उसने पहले ही आगरा में बंदी बनाकर रखा हुआ था। अवीक चंदा की किताब 'दारा शिकोह, द मैन हू वुड बी किंग' के मुताबिक, औरंगजेब ने दारा शिकोह के कटे हुए सिर को शाहजहां के पास तोहफे के तौर पर भिजवाया और उनके धड़ को दिल्ली में ही हुमायूं के मकबरे में दफना दिया गया।  

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हुमायूं का मकबरा (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Social media
हालांकि हुमायूं के मकबरे के परिसर में दारा शिकोह का धड़ कहां दफनाया गया था, ये किसी को नहीं पता, क्योंकि वहां मुगल वंश की लगभग 140 कब्रें हैं। हालांकि संस्कृति मंत्रालय ने दारा की कब्र का पता लगाने के लिए भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण की सात सदस्यीय टीम का गठन किया है। 
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ताजमहल (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Social media
इटैलियन इतिहासकार निकोलाओ मनूची ने अपनी किताब 'स्टोरिया दो मोगोर' में लिखा है कि औरंगजेब के आदेश पर दारा के सिर को ताजमहल के प्रांगण में गाड़ दिया गया, क्योंकि उसका मानना था कि शाहजहां जब भी अपनी बेगम के मकबरे को देखेंगे तो उन्हें बार-बार ये ख्याल आएगा कि उनके सबसे प्रिय और बड़े बेटे दारा का सिर वहां सड़ रहा है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social Media
आपको शायद पता न हो, लेकिन मुगल इतिहास की सबसे महंगी शादी नादिरा बानो से दारा शिकोह की शादी को ही माना जाता है। कहते हैं कि उस जमाने में उस शादी में करीब 32 लाख रुपये खर्च हुए थे। अवीक चंदा की किताब के मुताबिक, कहा जाता है कि शादी के दिन पहने गए दुल्हन के जोड़े की ही कीमत करीब आठ लाख रुपये थी।
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