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क्या सच में भारत-चीन की सीमा पर है एलियंस का अड्डा? कोई नहीं आता-जाता वहां

Sat, 09 May 2020 10:59 AM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सोशल मीडिया पर वायरल एक तस्वीर - फोटो : Social media
दुनियाभर में कई ऐसी जगहें हैं, जहां एलियंस और यूएफओ (उड़नतश्तरी) के देखने का लोग दावा करते हैं। वैसे तो अभी तक यह सिद्ध नहीं हो पाया है कि एलियंस सच में होते हैं। हालांकि इसके बावजूद कई लोग इसपर विश्वास करते हैं और एलियंस के विमान को देखने का दावा कर चुके हैं। भारत-चीन की सीमा पर भी एक ऐसी जगह है, जहां कई बार पहाड़ के ऊपर यूएफओ को उड़ते हुए देखे जाने का दावा किया जा चुका है। सबूत के तौर पर उसकी तस्वीरें भी कई बार वायरल हुई हैं। 
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कोंग्का दर्रा - फोटो : Social media
इस जगह का नाम है कोंग्का दर्रा, जिसे कोंग्का ला भी कहा जाता है। यह भारत और चीन की सीमा पर स्थित एक विवादित जगह है। दरअसल, चीन इसे हिमालय का अक्साई क्षेत्र मानता है और उसपर अपना अधिकार बताता है, जबकि भारत इसे लद्दाख का हिस्सा मानता है। हालांकि बाद में एक समझौता किया गया, जिसके बाद से भारत और चीन दोनों ही देशों की सेना इस जगह पर पेट्रोलिंग नहीं करती है। साथ ही आम लोगों के आने-जाने पर भी रोक है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media
कोंग्का दर्रा वैसे तो एक निर्जन जगह है, लेकिन इसे 'एलियंस का अड्डा' यानी 'यूएफओ बेस' माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि यहां आसपास रहने वाले लोगों ने कई बार इस जगह पर उड़नतश्तरियों को देखा है। कई शोधकर्ता भी इस विवादित इलाके में मिले कुछ ऐसे चिह्नों को प्रमाण के तौर पर दिखाते हैं, जिन्हें देखकर लगता है कि सच में यहां एलियंस के विमान आते-जाते रहते हैं। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
हालांकि कुछ जानकारों का मानना है कि यहां यूएफओ का बेस हो ही नहीं सकता, क्योंकि यह जगह बहुत ही दुर्गम है। साल 2006 में एक तस्वीर भी वायरल हुई थी, जिसमें उड़नतश्तरी को दिखाया गया था। इस तस्वीर को गूगल सैटेलाइट द्वारा ली गई फोटो बताया गया था। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media
वैसे तो कहा जाता है कि यहां पहाड़ पर लोगों का पहुंच पाना काफी मुश्किल भरा काम है, लेकिन साथ ही साथ यह भी दावा किया जाता है कि कुछ लोग वहां जा चुके हैं और उड़नतश्तरियों को देख चुके हैं। अब इसमें कितनी सच्चाई है, ये तो कोई नहीं जानता, लेकिन जिस तरह से लोग दावा करते हैं, उससे तो यही लगता है कि इस जगह पर कुछ न कुछ तो ऐसा गहरा राज जरूर छिपा हुआ है, जो दुनिया की नजरों में अनजान है। 
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