तुर्काना झील में मिला मानव अवशेष
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ये झील, ज्वालामुखी की गतिविधियों वाले इलाके में पड़ती है। धरती के भीतर की हलचल से, ऊपरी सतह बनती बिगड़ती रहती है। इस वजह से आदि मानवों के कंकाल, भीतरी परतों में छुपकर बचे रह गए। झील के आस-पास इंसान के कंकालों की खोज, केन्या के वैज्ञानिक रिचर्ड लीकी ने 1968 में शुरू की थी। पहली बड़ी कामयाबी उन्हें 1972 में मिली, जब उन्हें होमो रुडोल्फेन्सिस नाम के आदि मानव के सिर का कंकाल मिला। इससे इस दावे को बल मिला कि आज के इंसान किसी एक प्रजाति के सीधे वारिस नहीं। आज के मानवों से पहले, धरती पर आदि मानव की कई प्रजाति थीं। जैसे 'होमो इरेक्टस', 'होमो हैबिलिस', 'पैरेन्थ्रोपस बोइसी'। और अब उसमें होमो रुडोल्फेन्सिस का भी नाम जुड़ गया। हो सकता है कि उस वक्त आदि मानव की और भी नस्लें धरती पर रही हों। इन्हीं में से एक, होमो इरेक्टस से आज के इंसान की नस्ल का विकास हुआ। तुर्काना झील के पास मिला आठ साल के बच्चे के कंकाल ने इस थ्योरी को सही साबित किया है।