सिंहासन बनाने में 400 नोटों का हुआ इस्तेमाल।
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इन 80 हजार रुपये का क्या करेंगे, यह भी जानें
2 हज़ार के नोट से बने माँ सरस्वती के सिंहासन को देखने के लिए सिर्फ आस-पास के लोग नहीं, बल्कि दूर-दराज के लोग भी पहुंच रहे हैं। बलेथा कदम मोड़ के युवाओं ने नोट से सिंहासन बना कर इस बात की भी चर्चा उठा दी है कि लक्ष्मी जी ने सरस्वती जी को सजाया। इन रुपयों का अब क्या होगा, इस सवाल पर आयोजन समिति का कहना है कि इनका विसर्जन नहीं किया जा सकता और न करेंगे। आयोजन के लिए जिनका बकाया लिया गया है, उन्हें देने के बाद जो राशि बचेगी उससे जरूरतमंदों की शिक्षा में यथासंभव योगदान भी दिया जाएगा और संभव होगा तो अगले साल के लिए भी पैसे बचाकर रखे जाएंगे।