पटना विश्वविद्यालय भूमिगत मेट्रो स्टेशन से अलग-अलग जगहों से पढ़ने आने वाले विद्यार्थियों को सुविधा मिलेगी। अशोक राजपथ पर आने वाले विश्वविद्यालय क्षेत्र से लेकर एनआईटी पटना तक शहर के अलग-अलग जगह से आने वाले छात्रों को आसानी होगी। चाहे वो एनआईटी पटना के इंजीनियरिंग के छात्र हों या पटना विश्वविद्यालय, साइंस कॉलेज या विभिन्न निजी कोचिंग सेंटर या कुछ प्रतिष्ठित स्कूलों के छात्र हों, सभी लोगों को इसका लाभ मिलेगा।
यह है खासियत
दो तल वाला यह का भूमिगत मेट्रो स्टेशन अशोक राजपथ आने वाले छात्रों और अध्यापकों का समय बचाएगा। प्रस्तावित मेट्रो स्टेशन लगभग 160 मीटर लंबा एवं ज़मीन से 16 मीटर नीचे होगा जो कि पीएमसीएच और मोइन-उल-हक मेट्रो स्टेशन से चंद मिनटों की दूरी पर होगा।
ट्रैफिक जाम से राहत
इसके अतिरिक्त ये भूमिगत रेलवे स्टेशन अशोक राजपथ के आसपास, पटना सिटी, गुलजार बाग, एनआईटी मोड़, खजांची रोड, गोविंद मित्रा रोड आदि स्थानों में रहने वाले लोगों के लिए एक वरदान होगा। इससे ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी और लोग आसानी से एक जगह से दूसरी जगह आ-जा सकेंगे। इस स्टेशन को तीन प्रवेश एवं निकास द्वारों के साथ इस प्रकार बनाया जा रहा है कि मेट्रो की सवारी करने वालों को सहूलियत हो सके।
स्टेशन मे तीन प्रवेश एवं निकास द्वार होंगे
प्रवेश/निकास द्वार -1 पटना साइंस कॉलेज, पटना विश्वविद्यालय के सामने प्रस्तावित है
प्रवेश/निकास द्वार -2 एन आई टी पटना मोड़ के पास होगा
प्रवेश/निकास द्वार -3 राजकीय शमसूल हुदा मदरसा परिसर के भीतर होगा
दो तल का भूमिगत मेट्रो स्टेशन
दो तल के स्टेशन में लेवल–एक पर कान्कोर्स होगा। कान्कोर्स पर यात्री-केंद्रित सुविधाएं होंगी जैसे टिकट काउन्टर, जन-सुविधाएं जैसे सुरक्षा जांच आदि और लेवल–दो पर प्लेटफॉर्म होगा। ये सारे तल आपस में और भूतल से जुड़े होंगे।
यात्रियों के लिए सुविधाएं
इस स्टेशन में छह एस्केलेटर, लोगों के उपयोग के लिए पांच सीढ़ियां होंगी, जिनमें एक एस्केलेटर और एक सीढ़ी प्रवेश/निकास द्वार 2/3 पर होंगी। प्रवेश/निकास द्वार – 1 पर यात्रियों के आने-जाने के लिए एक सीढ़ी होगी। कान्कोर्स लेवल से प्लेटफॉर्म लेवल पर यात्रियों के आने-जाने के लिए चार एस्केलेटर एवं दो सीढ़ियाँ होंगी। दिव्यांगजनों, बुजुर्गों एवं अन्य जरूरतमंद लोगों की सुविधा के लिए प्रत्येक प्रवेश/निकास द्वार पर भूतल से कान्कोर्स तल पर आने-जाने के लिए तीन लिफ्ट होंगी।
आकस्मिक परिस्थितियों के लिए व्यवस्था
किसी आकस्मिक स्थिति से निबटने के लिए स्टेशन में तीन फायर निकास होंगे, जिनमें से एक प्लेटफॉर्म और कान्कोर्स को सीधे निकास से जोड़कर लोगों को बाहर निकलेगा, जबकि अन्य दो फायर निकास की मदद से यात्रियों को प्लेटफॉर्म से कान्कोर्स पर सुरक्षित निकाला जा सकेगा और वहां से तीन में से कोई भी एक प्रवेश/निकास द्वार का प्रयोग कर बाहर निकल जा सकता है। फायरमेन के स्टेशन में प्रवेश के लिए अलग से एक सीढ़ी प्रस्तावित है, जिसके द्वारा वे किसी आकस्मिक स्थिति में स्टेशन में प्रवेश कर सकेंगे।