महागठबंधन की ओर से पटना के गांधी मैदान में प्रस्तावित स्वाभिमान रैली की तैयारी अंतिम चरण में है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद व जदयू नेता और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए यह करो या मरो की स्थिति है।
इस रैली को लेकर तीनों दलों ने अपनी ताकत झोंक दी है। शनिवार को एक ओर जहां रैली में लोगों का आना शुरू हो गया है, वहीं कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के रैली में शामिल होने की पुष्टि भी कर दी गई है।
हालांकि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव रैली में मौजूद नहीं रहेंगे। रैली से ठीक एक दिन पहले जदयू व राजद के आधा दर्जन नेताओं ने भाजपा का दामन थाम लिया है। (फोटो-रैली की तैयारी में नीतीश कुमार)
तैयारियां जोरों-शोरों पर
भाजपा इसे अपनी उपलब्धि व महागठबंधन के लिए झटका मान रही है। ऐसे में देखना
दिलचस्प होगा कि इस रैली के जरिये महागठबंधन अपने स्वाभिमान को बचाने के
लिए कौन सा दांव खेलता है।
स्वाभिमान रैली की तैयारियां जोरों-शोरों पर
है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौधरी के मुताबिक यह रैली सभी पिछली
रैलियों के रिकॉर्ड तोड़ देगी। वहीं, जनता परिवार के मुखिया मुलायम सिंह
यादव के शामिल न होने को लेकर राजनीतिक गलियारों में बहस जारी है।
मुलायम
के पटना नहीं आने के पीछे उनका भाजपा के प्रति नरम रुख और गठबंधन में
सम्मानजनक सीटें नहीं मिलना बताया जा रहा है। वैसे लालू ने स्पष्ट किया है
कि न तो कोई नाराजगी है और न ही मुलायम ने गठबंधन में कोई सीट मांगी है।
राजद-जदयू के तीन विधायक अब भाजपा के
लालू ने दावा किया कि महागठबंधन में खाली बची तीन सीटों के अलावा अपने कोटे
की दो सीटें मिलाकर कुल पांच सीटें समाजवादी पार्टी को दी जा रही हैं।
रैली को लालू ने लोकतंत्र का आर-पार का चुनाव बताया है। रैली के मद्देनजर
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
राजद-जदयू
के तीन विधायकों ने पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम
लिया है। इसमें विधायक बृजकिशोर सिंह, डॉ. सुनील कुमार और रेणु कुशवाहा
शामिल हैं।
विधायक बृजकिशोर सिंह राजद से वरूराज सीट जीते थे, जबकि रेणु
कुशवाहा नीतीश सरकार में मंत्री भी रह चुकी हैं।