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'भैंस नहीं पटख सकी तो मोदी क्या पटकेगा'

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पटना के गांधी मैदान में आयोजित महागठबंधन की स्वाभिमान रैली में देशभर के राजनीतिज्ञ दिग्गज एक मंच पर जुटे। लालू यादव और नीतीश कुमार के साथ मंच पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भी थी तो सपा नेता शिवपाल यादव भी मौजूद रहे। इस दौरान सबका निशाना रहे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी।
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रैली को सबसे पहले संबोधित करने आई बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने तो एक सांस में मोदी पर इतने निशाने साधे कि लालू यादव भी उनकी बातों पर मुस्कराने से नहीं चूके। भारीभरकम भीड़ को सामने भाषण के दौरान राबड़ी रौ में ऐसी बहीं की प्रधानमंत्री मोदी को बेईमान तक कह डाला।

मोदी की रैलियों को नुक्कड़ सभाएं बताते हुए कहा कि ये आदमी बिहार की जनता को बरगलाने का प्रयास कर रहा है। कहा राज्य के कोना कोना से मोदी को भगाना है। वो लगातार बिहार के लोगों का अपमान कर रहे हैं इसका बदला लेना है।
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लालू यादव के पूर्व साथी पप्पू यादव को मोदी का हनुमान बताते हुए कहा कि वो आदमी भाजपा के इशारे पर प्रदेश के लोगों को गालियां दे रहा है। यादवों को गालियां बक रहा है। उसे बिहार से भगाना है।

लोगों को नीचा दिखाने में मोदी को मजा आता हैः सोनिया

राबड़ी के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रैली को संबोधित किया। कहा मोदी को दूसरों को नीचा दिखाने में बहुत मजा आता है, कभी बिहार की कल्चर का मजाक उड़ाते हैं, कभी यहां के लोगों के डीएनए को खराब बताते हैं और कभी बिहार को बीमारू बताते हैं। कांग्रेस ने हमेशा बिहार के लोगों का सम्मान किया है। उनकी प्रतिभा का हमेशा सम्मान किया है।

इतिहास गवाह है कि बिहार को विकास के रास्ते पर ले जाने में कांग्रेस का भी योगदान है। लालू यादव की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने भी बिहार के विकास में काफी योगदान दिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने हर साल एक करोड़ युवाओं को नौकरी देने का वादा किया था उसका आज तक क्या हुआ।

नौकरी तो छोडो इन्होंने केन्द्र द्वारा दी जाने वाली नौकरियों पर भी पाबंदी लगा दी। व्यापमं में भी इन लोगों ने लाखों युवाओं की नौकरी से मजाक किया है। भूमि बिल के बहाने केन्द्र सरकार को घेरते हुए कहा कि ये किसान विरोधी सरकार है, जो छोटे किसानों की जमीन लेकर अपने चंद उद्योगपति दोस्तों को देना चाहती है।

प्रधानमंत्री ने हर मुद्दे पर मौन का रास्ता अपना लिया है। पहले पाकिस्तान के हर मुद्दे पर चुनौती देते थे अब क्यों चुप रहते हैं। पाकिस्तान पर उनकी क्या नीति है उसे देश जानना चाहता है।

स्पेशल पैकेज को भी कह देंगे ये एक जुमला था

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भूमि विधेयक पर केन्द्र को घेरते हुए कहा कि सबसे पहले हमने कहा था कि यह विधेयक किसान विरोधी है। इसके बाद उनके सहयोगियों ने भी कहा यह किसान विरोधी है। अंतोगत्वा झुकना पड़ा। 14 महीनों तक बिहार की याद नहीं आई लेकिन जब चुनाव नजदीक आए तो इन्हें बिहार की याद आने लगी।

लोकसभा चुनावों में तो लोग झांसे में आ गए थे। राजनाथ सिंह कहते थे कि 100 दिन में कालाधन देश में आएगा लेकिन 15 महीने बीत गए एक पाई नहीं आई। देश में 17 करोड़ खाते जनधन खुलवा दिए लेकिन उनमें से आधे से ज्यादा निष्क्रिय हैं।

मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि 15 लाख रुपये देने की बात करते हैं खातों में 10-15 हजार रुपये ही डाल देते। मोदी के सवा लाख करोड़ के पैकेज पर भी निशाना साधा कि चुनाव के बाद कह देना यह भी जुमला था।

इसमें से भी 87 फीसदी तो पुराना है, जिसकी रीपैके‌जिंग करके बिहार के लोगों का पागल बनाया गया है। वो हमारे डीएनए की बात करते हैं। जिस धरती से महात्मा बुद्ध ने ज्ञान लिया, आर्यभट ने जहां से खगोल की रचना की, नालंदा की धरती जिसने दुनिया को ज्ञान दिया वहां का डीएनए ये खराब बताते हैं। हमारा डीएनए काम करने वाला है जुबान चलाने वाला नहीं है।

बिहार के लोग अपने नाखून, बाल काटकर प्रधानमंत्री को भेज रहे हैं जांच करवा लीजिए किसका डीएनए खराब है। बिहार में अपराध का आंकड़ा एक लाख पर 174 के साथ 22वां नंबर है। जबकि भाजपा शासित सभी राज्य इससे ऊपर है। दिल्‍ली पहले स्‍थान पर है तो मध्यप्रदेश तीसरे।

वहीं अपनी सरकार की प्राथमिकताएं गिनाते हुए नीतीश ने कहा कि हमारी सरकार ऐसा काम करेगी ‌कि घर के दरवाजे तक पहुंचने में भी पैर गंदे नहीं होने देंगे। गांव की सड़कें पक्की करवाएंगे और नालियों का निर्माण होगा। बच्चों की पढ़ाई पर जो ऋण मिलता है उसमें सरकार सब्सिडी देगी।

उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि ये लोग चुनावों में जीत के लिए दंगे भी करवा सकते हैं। आपको इन सबसे सचेत रहना है। इनका ये पुराना इतिहास रहा है।

लालू ने जमकर खेला कास्ट कार्ड

वहीं अंत में लालू यादव ने भी रैली को संबोधित करते हुए मोदी और भाजपा को ही निशाने पर रखा। अपने मसखरे स्वभाव के अनुरूप लालू ने 20 मिनट के भाषण में मोदी और केन्द्र सरकार पर जमकर निशाना साधा।

कहा, भाजपा कान खोलकर सुन लेना, भाजपा नरेन्द्र मोदी कान खोलकर सुन लेना ये जंगलराज पार्ट 2 नहीं मंगलराज पार्ट 2 है। ये 90 से पहले का बिहार नहीं है। दो पिछड़े का बेटा एक हो गया है तो ये जंगलराज की बात करते हैं।

प्याज की बढ़ती कीमत पर मोदी की नकल उतारते हुए कहा कि अब मोदी जी पूछते हैं कि प्याज के दाम 40 रुपये किलो कर दूं, 50 रुपये किलो कर दूं, लो 80 रुपये किलो कर दिया।

मंच पर बैठी सोनिया गांधी को देखते हुए कहा कि जब कांग्रेस की सरकार थी तो रामदेव और अन्ना हजारे काला धन की बात करते थे अब कोई कुछ नहीं बोलता। चुनाव से पहले मोदी ने कहा था सबके हिस्से में 15-15 लाख रुपये आएंगे।

कहा, हमारी सात बेटी और दो बेटे हैं। दो हम पति पत्‍नी भी हैं। कालाधन आता तो हम सबको 15-15 लाख रुपये मिलते तो हम तो बैठकर चाटते रहते। कुछ करने की जरूरत है ही नहीं। इस दौरान लालू ने जमकर जाति कार्ड खेला।
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लड़ाई मुख्यमंत्री की नहीं दिल्‍ली को बदलने की है

कहा जाति आधारित जनगणनना पर लालू ने कहा कि केन्द्र सरकार जानबूझकर इन आंकडों को छुपा रही है क्योंकि वो नहीं चाहती कि गरीबों की स्थिति का पता चल सके। कहा ये सरकार यादवों को फोड़ने की बात करती है। यादवों को जब भैंस नहीं पटख सकती तो ये नरेन्द्र मोदी कैसे पटख सकता है।

ये लड़ाई नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाने की नहीं दिल्‍ली बदलने की है। वहीं, अमित शाह के लिफ्ट में फंसने पर कहा कि वो योगासन की दूसरों को सलाह देते हैं अपने आप मोटा पेट लेकर घूमते हैं। फंस गए लिफ्ट में, अब करो योगासन।

सुशील मोदी पर कहा कि ये मेरा सेक्रेटरी था और नीतीश की सरकार में स्टेपनी था। जिसे नीतीश कुमार ने निकाल कर फेंक दिया। भाजपा पर आरोप लगाया कि मुझे फंसाने के लिए सीबीआई का सहारा लिया जा रहा है।

वहीं इसी बीच एक मजेदार बात रही कि जब लालू भाषण खत्म करने लगे तभी पीछे से आवाज आई कि दलितों पर तो बोले ही नहीं। इस पर लालू ने दोबारा दलितों को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा दलितों और पिछडों की पार्टी नहीं है। इसलिए उसके पीछे जाने से कोई फायदा नहीं है।
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