पटना के वार्ड 15 में बूथ 22 पर सवा घंटे मतदानकर्मी बैलेट यूनिट ठीक होने का इंतजार करते रहे।
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नगर निकाय चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण में बुधवार को सुबह से ही मतदान केंद्रों में अंधेरे की शिकायतें सामने आ रही थीं। मतदानकर्मी भी परेशान थे। वोटर भी। मोबाइल की रोशनी से पोलिंग एजेंट भी काम चलाते नजर आए। इसी तरह, राजधानी पटना समेत कई जिलों में ईवीएम की गड़बड़ी से डेढ़ घंटे तक वोटिंग नहीं शुरू हो सकी। और, बिहार राज्य निर्वाचन आयोग को दूसरे चरण में केवल एक मतदान केंद्र के अंधेरे में होने की शिकायत मिली और ईवीएम खराब होने की महज चार शिकायतें आईं। नालंदा, सीवान, भोजपुर समेत कई जिलों से उपद्रव, फायरिंग और यहां तक कि मतदान केंद्र पर गोली से घायल होने तक की खबरें सामने आईं, लेकिन आयोग को कंट्रोल रूम में मिली शिकायतों में इनकी जानकारी तक नहीं है।
कटिहार से तो तस्वीर आई ही, पटना में भी बूथ पर मोबाइल की लाइट काम आई।
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बुधवार को मतदान खत्म होने के करीब डेढ़ घंटे बाद शाम साढ़े छह बजे राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से राज्य निर्वाचन आयुक्त डॉ. दीपक प्रसाद और सचिव मुकेश कुमार सिन्हा ने कहा कि छिटपुट घटनाओं को छोड़ दें तो मतदान शांतिपूर्ण और अच्छे तरीके से संपन्न हुआ। उन्होंने बताया कि मीडिया के जरिए सात शिकायतें आयोग के कंट्रोल रूम में दर्ज हुईं। मतदान केंद्र पर असामाजिक तत्वों के जमावड़े की एक, बोगस वोटिंग की एक, अलग वोटिंग कंपार्टमेंट नहीं बनाने की एक और लाइट कम होने की एक शिकायत दर्ज की गई। उन्होंने यह भी बताया कि एक मतदान केंद्र पर 5-6 अतिरिक्त ईवीएम मशीन होने की शिकायत भी आई।
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से संपन्न चुनाव की जानकारी दी गई।
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उन्होंने बताया कि दूसरे चरण के 28 दिसंबर को पुलिस ने दोपहर बाद 3 बजे तक 186 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 50 गाड़ियों को जब्त किया गया। मतदान के दौरान पुलिस ने दो लीटर शराब भी जब्त की और 78,110 रुपये भी।