बिहार के गोपालगंज जिले के थावे थाना क्षेत्र के फुलुगनी पंचायत के मुखिया मोहम्मद कुरैश हत्याकांड को लेकर पुलिस ने मुख्य अपराधी समीर डांगी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी गया जिले का रहने वाला बताया जा रहा है। आरोपी का पुराना नक्सली कनेक्शन भी सामने आया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी पर तीन नक्सली गतिविधियों में शामिल होने का मुकदमा औरंगाबाद और गया जिले में दर्ज है। साथ ही आर्म्स एक्ट का भी मुकदमा इस पर पहले से ही दर्ज है। वहीं, आतंकी गतिविधियों में भी इसकी संलिप्तता सामने आई है।
पुलिस ने बताया कि औरंगाबाद जिले के देव थाने में आरोपी समीर डांगी पर यूएपीए एक्ट में भी एक मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके कई गंभीर आपराधिक घटनाओं में संलिप्त होने के साक्ष्य पुलिस को मिले हैं। इस आरोपी का मुखिया मोहम्मद कुरैश की हत्याकांड से सीधा संबंध सामने आया है। पुलिस पूछताछ में इसने भी मोहम्मद कुरैश को गोली मारने की बात स्वीकार की है। वहीं इसका एक सहयोगी जो उस हत्याकांड में लाइनर की भूमिका में था, उसने भी गिरफ्तारी के बाद समीर डांगी को ही मुखिया पर गोली चलाने का आरोपी बताया था। पुलिस ने बताया कि अभी समीर डांगी गोपालगंज में चरस बेचने के लिए आया हुआ था। उसके पास से पुलिस ने एक किलो से अधिक चरस बरामद की है। देसी कट्टा, पांच जिंदा कारतूस और एक चोरी की मोटरसाइकिल भी मिली है।
इस मामले में शुक्रवार को एसडीपीओ सदर प्रांजल ने प्रेस वार्ता की। उन्होंने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर एसटीएफ की टीम ने नगर थाना पुलिस की टीम के साथ मिलकर इस आरोपी को हरखुआ से गिरफ्तार किया है। इसकी पूरी कुंडली पुलिस द्वारा निकाली जा रही है। एसडीपीओ ने बताया कि आरोपी कुछ दिन पहले जेल गया हुआ था। जेल में ही इसकी मुलाकात सीवान के एक बड़े अपराधी से हो गई और जेल से निकलने के बाद यह सीवान आ गया। उसके बाद सीवान के उस बड़े अपराधी के साथ मिलकर गोपालगंज और सीवान में आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने में जुट गया। इसी कड़ी में इसने मुखिया की हत्या भी की, जिसका मुख्य शूटर यही था। पुलिस ने गोपालगंज और सीवान में इसके सहयोगियों को ढूंढना शुरू कर दिया है, ताकि उन पर भी सख्त से सख्त कार्रवाई की जा सके।