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एनडीए छोड़ सकते हैं उपेंद्र कुशवाहा, पीएम मोदी से मुलाकात न होने पर खफा

Sun, 02 Dec 2018 07:37 AM IST
आशीष झा, अमर उजाला,पटना
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उपेंद्र कुशवाहा
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केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के लिए एनडीए को छोड़ना आसान नहीं है। पार्टी के भीतर और बाहर इसको लेकर एकमत नहीं है। माना जा रहा है कि 6 दिसंबर को मोतिहारी में कुशवाहा एनडीए से अलग होने का एलान करेंगे। हालांकि पार्टी का एक तबके का कहना है कि पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजों के बाद ही कुशवाहा मंत्री पद से इस्तीफा देंगे। बता दें कि कुशवाहा एनडीए में सीटों के बंटवारे को लेकर नाराज चल रहे हैं। 

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इससे पहले कुशवाहा शुक्रवार देर शाम दिल्ली से पटना लौटे। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्य की बात है कि प्रधानमंत्री से मिलने का मुझे समय नहीं मिला। एनडीए में मेरी उपेक्षा हो रही है। एनडीए से अलग होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह उनके अकेले का फैसला नहीं है। इस पर पार्टी फैसला लेगी। 4 और 5 दिसंबर को वाल्मीकि नगर में पार्टी के चिंतन शिविर में इस पर मंथन होगा।

एनडीए के साथ रहें कुशवाहा: पार्टी उपाध्यक्ष 
रालोसपा के उपाध्यक्ष भगवान सिंह कुशवाहा ने कहा कि एनडीए ने उपेंद्र कुशवाहा को बहुत सम्मान दिया है। यूपीए में उन्हें यह सम्मान नहीं मिलेगा। इससे पहले सांसद राम कुमार शर्मा भी एनडीए में बने रहने का संकेत दे चुके हैं। 
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बहरहाल ये साफ है कि रालोसपा के विधायक और सांसद एनडीए में बने रहना चाहते हैं। अगर उपेंद्र कुशवाहा अलग होने का फैसला करते हैं तो रालोसपा नहीं, बल्कि वह अकेले महागठबंधन में शामिल होंगे। इस बीच, भाजपा ने कहा है कि उपेंद्र कुशवाहा सुलझे राजनेता हैं और जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेंगे। वे मान जाएंगे। 

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