बिहार के एक भाजपा मंत्री ने शनिवार को विपक्षी राजद पर तंज कसते हुए कहा कि उसे अपने नेता तेजस्वी यादव के दूसरी जाति में विवाह के बाद जाति आधारित जनगणना की अपनी मांग छोड़ देनी चाहिए। नीतीश कुमार कैबिनेट में पंचायती राज विभाग सम्राट चौधरी ने कहा कि तेजस्वी यादव से पूछा जाना चाहिए कि वह अब किस समुदाय से हैं, अपने माता-पिता वाले समुदाय से या अपनी पत्नी वाले समुदाय से। चौधरी ने तेजस्वी की अपनी बचपन की दोस्त रेचेल आइरिस से हालिया शादी का जिक्र करते हुए ये बातें कहीं।
मंत्री से जाति जनगणना के संबंध में उनकी पार्टी और मुख्यमंत्री नीतीश की पार्टी जद (यू) के बीच मतभेदों के बारे में पूछा गया था। राज्य विधायिका ने जाति जनगणना के समर्थन में दो बार प्रस्ताव पारित किए हैं और हालांकि भाजपा विधायकों ने इनका समर्थन किया है, लेकिन केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा इससे इनकार करने पर पार्टी खुद को संकट में पाती है। कुछ समय पहले नीतीश कुमार के नेतृ्त्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने पीएम मोदी से मुलाकात की थी जिसमें तेजस्वी भी शामिल थे।
नीतीश ने कहा था कि सर्वे का आदेश देने से पहले वह इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाएंगे। हालाँकि, चौधरी का कहना है कि इस पर भाजपा और जद (यू) को फैसला करना है क्योंकि दोनों दलों ने साझा सरकार है। उन्होंने तेजस्वी और समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव का नाम लिए बिना कहा कि यूपी और बिहार के दोनों युवराजों ने जाति बंधन तोड़ दिया है। इसलिए उनकी पार्टियों को जाति जनगणना के बारे में चिंता करना बंद कर देना चाहिए।