लोक सभा चुनावों में करारी हार से सबक लेते हुए राजद और जदयू ने राज्य में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव साथ-साथ चुनाव लड़ने का संकेत दिया है।
टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार बिहार में 10 सीटों के लिए मध्यावधि चुनाव होने हैं जो अगले महीने कराए जा सकते हैं।
ऐसे में राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव और जदयू प्रमुख नीतीश कुमार ने हरहाल में चुनावों में जीत हासिल करने के लिए साझी रणनीति तैयार करने की कोशिश में हैं।
इन सीटों पर होने हैं चुनाव
बिहार की जिन 10 सीटों के लिए चुनाव होने हैं वो हाल ही में हुए लोक सभा चुनाव जीते कुछ प्रत्यासियों के इस्तीफे से या कुछ अन्य विधायकों के त्यागपत्र देने से खाली हुई थीं।
खाली हुई सीटों में मोहानिया, भागलपुर, छपरा, हाजीपुर, नरकटियागंज, जले, राजनगर, बांका, उजीर पुर और परबट्टा शामिल हैं।
मोहानिया की सीट यहां के विधायक छेदी पासवान के सासाराम से लोक सभा चुनाव जीतने के कारण खाली हुई है। इसी प्रकार अन्य सीटें भी विधायकों के सांसद बनने या सीट छोड़ने से खाली हुई हैं।
लालू के लिए नीतीश छोड़ेंगे कुछ सीटें?
जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ट नारायण सिंह ने मीडिया को बताया कि उनकी पार्टी 10 सीटों में प्रत्यशी उतारने की तैयारी कर रही है। लेकिन उनके सहयोगी दलों से कोई सहमति बनती है तो वह उनके लिए कुछ सीटें छोड़ सकते हैं।
हालांकि सीटों में प्रत्याशी उतारने को लेकर लालू और नीतीश के बीच बात-चीत चल रही है जहां दोनों पार्टियों का मिल कर प्रत्याशी उतारने की योजना बन रही है।
इन मध्यावधि चुनावों के लिए बिहार भाजपा की ओर से सभी सीटों पर बिना किसी पार्टी के सहयोग प्रत्याशी उतारने का ऐलान किया जा चुका है।