खगड़िया के पूर्व विधायक रणवीर यादव और उनकी पत्नी कृष्णा कुमारी यादव (जिला परिषद अध्यक्ष) अदालत ने सजा सुनाई है। एसीजेएम-1 विभा रानी की कोर्ट ने रंगदारी के केस में सुनवाई करते हुए रणवीर यादव और कृष्णा कुमार यादव को तीन-तीन साल की सजा सुनाई है। इतना ही नहीं अदालत ने दोनों को दस-दस हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अदालत ने कहा कि दंड की राशि अदा नहीं करने पर छह मास जेल में गुजारना होगा।
दरअसल, 2005 में आलोक तालुकदार के लिखित आवेदन पर शिकायत दर्ज करवाई गई थी। आलोक ने आरोप लगाया गया था कि कृष्णा यादव और रणवीर यादव ने फोन पर उनसे रंगदारी मांगी है। इस मामले में कोर्ट में सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने रणवीर यादव और उनकी पत्नी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिले। इन सबूतों के आधार पर कोर्ट ने दोनों को सुना सुनाई।
पटना हाईकोर्ट में अपील करेंगे रणवीर यादव
इधर, पूर्व विधायक रणवीर यादव की ओर से कहा गया है कि वह इस मामले में पटना हाईकोर्ट में अपील करेंगे। रणवीर यादव ने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी कृष्णा यादव की राजनीतिक भविष्य खत्म करने के लिए यह साजिश की गयी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पूर्व रणवीर यादव पहले भी अन्य मामले में जेल जा चुकें हैं। चुनाव आयोग ने पहले ही उन्हें चुनाव लड़ने के अयोग्य करार दे दिया था। अब इस सजा के बाद उनकी पत्नी का भी पॉलिटिकल करियर पर विराम लगता दिख रह है।
लोकसभा चुनाव लड़ने की चर्चा पर लगा विराम
लोगों का कहना है कि वर्तमान में जिला पराषिद अध्यक्ष कृष्णा कुमारी यादव को कोर्ट ने दोषी करार दिया है। ऐसे में उनका जिला परिषद अध्यक्ष की कुर्सी से जाना तय है। कई जिला पार्षदों ने जिलाधिकारी से तत्काल कृष्णा यादव को जिला परिषद अध्यक्ष पद से हटाने की मांग भी कर दी है। चर्चा यह भी है कि कृष्णा कुमारी यादव लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही थी, लेकिन सजा मिलने के बाद अब वह चुनाव नहीं लड़ पाएंगी।