अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन स्थल राजगीर स्थित दिगंबर जैन धर्मशाला में शुक्रवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक बंद कमरे से कर्नाटक से आए चार तीर्थयात्रियों के शव बरामद किए गए। पुलिस ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कमरे का दरवाजा तोड़ा, जहां एक पुरुष और तीन महिलाओं के शव हुक से लटके मिले। प्रारंभिक जांच और मौके से मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस इसे सामूहिक आत्महत्या का मामला मान रही है।
तीन दिन से बंद था कमरा, बदबू आने पर खुला राज
मृतक बेटे पर भांजे की हत्या का आरोप
मानसिक तनाव और आर्थिक तंगी से जूझ रहा था परिवार
कर्नाटक पुलिस और परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार यह परिवार लंबे समय से मानसिक तनाव और आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। वे गांव में भी केवल पैतृक संपत्ति विवाद या कर्ज से जुड़ी परिस्थितियों में ही आते-जाते थे और किसी सामाजिक या धार्मिक कार्यक्रमों में सक्रिय नहीं रहते थे।
SIT गठित, कर्नाटक जाएगी जांच टीम
नालंदा के पुलिस अधीक्षक भारत सोनी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। जांच टीम जल्द ही कर्नाटक के गुब्बी (बेंगलुरु) जाकर सभी पहलुओं की गहन जांच करेगी। चारों शवों का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड द्वारा वीडियोग्राफी के साथ बिहार शरीफ सदर अस्पताल में कराया जा रहा है। एसआईटी में राजगीर एसडीपीओ सुनील कुमार सिंह, अंचल निरीक्षक संजय कुमार, प्रभारी जिला आसूचना इकाई आलोक कुमार सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी शामिल हैं।