बिहार के सीएम नीतीश कुमार का मानना है कि राज्य में ईको टूरिज्म यानि पर्यावरण पर्यटन की अपार संभावानाएं हैं और उन्होंने कहा कि सरकार इसको बढ़ावा देने के लिए अथक प्रयास कर रही है।
बिहार सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मुख्यमंत्री के सामने राज्य सरकार की ईको-पर्यटन नीति के मसौदे पर अपनी बात रखी और नीतियों को विस्तार से बताया।
सीएम ने कहा कि बिहार सरकार ने पर्यावरण की रक्षा के लिए पहले से ही कई कदम उठाए हैं। साथ ही कहा कि पर्यावरण-पर्यटन नीति को अंतिम रूप देते समय हमें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि प्रकृति को किसी भी तरह से नुकसान न हो।
उन्होंने कहा कि ईको-टूरिज्म नीति से लोगों में पर्यावरण और जानवरों की सुरक्षा और प्रकृति के संरक्षण के बारे में बेहतर तरीके से जागरूकता बढ़ेगी। साथ ही कहा पश्चिम चंपारण जिले के वाल्मीकि नगर में ईको-टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाएगा।
वाल्मीकि नगर एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है जहां गंडक नदी पर बांध बनाया गया है। इसके अलावा, उस क्षेत्र के पास एक राष्ट्रीय उद्यान और बाघ अभयारण्य है जहां रामायण के लेखक महर्षि वाल्मीकि को कुछ साल बीत चुके हैं। मुख्यमंत्री नीतीश ने कहा कि राज्य सरकार जल्द ही वाल्मीकि नगर में एक कन्वेंशन सेंटर का निर्माण करेगी।