नालंदा जिला परिषद के सदस्यों का प्रवास मंगलवार को खत्म हो गया। जिला परिषद अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव को लेकर जिला परिषद परिसर से लेकर समाहरणालय तक में गहमा-गहमी बनी रही। सीट खाली होने के बाद राज्य चुनाव आयोग ने नए अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव के लिए 12 मार्च की तिथि निर्धारित की थी। समाहरणालय स्थित हरदेव भवन में चुनाव पर चर्चा और मत विभाजन कराया गया। 34 सदस्यों में से 33 सदस्य हरदेव भवन में मौजूद रहे। इस दौरान अध्यक्ष पद के लिए तनुजा कुमारी और उपाध्यक्ष पद के लिए नरोत्तम कुमार उर्फ बबलू विजयी हुए।
‘सभी को साथ लेकर चलना मुख्य उद्देश्य’
मीडिया से बातचीत के दौरान नवनिर्वाचित जिला परिषद अध्यक्ष तनुजा कुमारी ने कहा कि हम लोग सारे सदस्य एकजुटता से नालंदा के पंचायती राज और सभी क्षेत्रों में विकास के लिए एकजुट हुए थे। विकास के लिए हम लोगों ने अध्यक्ष बनने के लिए शपथ ली थी और बनाया गया। उन्होंने कहा कि हम लोग सभी 34 सदस्य मिलकर जिला परिषद को उन्नति की ओर ले जाएंगे और सभी के क्षेत्र का विकास किया जाएगा। जो शपथ ली गई है उसके अनुसार सारे काम किए जाएंगे।
वहीं, सहयोगी उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव में खड़ी जुली कुमारी की हार पर उन्होंने कहा कि खुशी और गम आज दोनों एक साथ मिला है। मैं उपाध्यक्ष नरोत्तम कुमार को बधाई देती हूं कि सब साथ मिलकर जिला परिषद के उत्थान के लिए कार्य करेंगे।
बैलेट पेपर से हुआ चुनाव
जिला निर्वाचन पदाधिकारी शशांक शुभंकर की अध्यक्षता में सभी जिला परिषद सदस्यों को स्वच्छ, निष्पक्ष और पारदर्शी वातावरण में नाम निर्देशन, मतदान, मतगणना, मत अविधिमान्य से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई।
निर्वाचन की प्रक्रिया बैलेट पेपर के माध्यम से पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई। नालंदा जिला परिषद अध्यक्ष पद की विजेता तनुजा कुमारी को 20 मत प्राप्त हुए, उप विजेता पिंकी कुमारी को 13 मत प्राप्त हुए। नालंदा जिला परिषद उपाध्यक्ष पद के विजेता नरोत्तम कुमार को 17 मत प्राप्त हुए। उप विजेता अनुराधा देवी को 11 मत और जुली कुमारी को पांच मत प्राप्त हुए।
एक नजर पूरे उथल-पुथल पर
- छह जनवरी को जिला परिषद के 10 सदस्यों ने जिलाधिकारी को आवेदन दिया।
- 23 जनवरी को कोर्ट के आदेश पर डीएम की अध्यक्षता में बैठक हुई।
- 27 जनवरी को कोर्ट की प्रक्रिया के तहत डीएम ने आपत्ति सुनने के लिए बैठक बुलाई।
- आठ फरवरी को अविश्वास प्रस्ताव की विशेष बैठक हुई, जिसमें अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की कुर्सी चली गई।
- 22 फरवरी को दो तरफा बहस के बाद चुनाव की तिथि निर्धारित हुई।
- 12 मार्च को चुनाव हुआ, जिसमें जिला परिषद का अध्यक्ष और उपाध्यक्ष मिल गया।
ये लोग रहे मौजूद
जिला निर्वाचन पदाधिकारी महोदय द्वारा विजेता माननीय जिला परिषद अध्यक्ष/उपाध्यक्ष को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। साथ ही शपथ भी दिलाई गई। इस अवसर पर सहायक समाहर्ता, जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी और जिला जनसंपर्क पदाधिकारी सहित सभी माननीय जिला परिषद सदस्य गण और संबंधित पदाधिकारी तथा कर्मी मौजूद रहे।